
पत्नी के साथ CA ताराचंद अग्रवाल (फाइल फोटो : पत्रिका)
Real Life Motivational Story: ताराचंद अग्रवाल 71 साल की उम्र में चार्टर्ड अकाउंटेंट (CA) बने हैं। साल 2014 में वे स्टेट बैंक ऑफ बीकानेर एंड जयपुर (अब SBI) से असिस्टेंट जनरल मैनेजर के पद से रिटायर हुए थे। बैंक में काम करते हुए भी उन्होंने कई ट्रेनिंग कोर्स किए, 1988 में उन्होंने C.A.I.I.B भी पास किया था।
नवंबर 2020 में कोविड के दौरान उनकी पत्नी दर्शना अग्रवाल का निधन हो गया। दोनों पति-पत्नी एक-दूसरे के साथ दिन का लगभग 21 घंटे बिताते थे। पत्नी के जाने के बाद उनका रूटीन टूट गया और वे डिप्रेशन में चले गए। घरवाले उनके साथ थे लेकिन मन नहीं लग रहा था। तब उन्होंने गीता पढ़ना शुरू किया जिससे उन्हें मानसिक शांति मिली।
परिवार के साथ CA ताराचंद अग्रवाल (फाइल फोटो: पत्रिका)
ताराचंद के दोनों बेटे टैक्स और CA फील्ड में हैं। एक दिन उन्होंने कहा कि वे PHD करना चाहते हैं, तब बच्चों ने CA करने की सलाह दी।
जुलाई 2021 में CA में रजिस्ट्रेशन कराया।
मई 2022 में फाउंडेशन एग्जाम पास किया।
जनवरी 2023 में इंटरमीडिएट क्लियर किया।
मई 2024 में फाइनल एग्जाम में असफल हुए,
मई 2025 में फाइनल पास कर गए और बन गए चार्टर्ड अकाउंटेंट।
ताराचंद ने कोचिंग नहीं ली। यूट्यूब और किताबों से ही पढ़ाई की। वे रोज़ 10 घंटे पढ़ते थे और 2 से 4 घंटे लिखने की प्रैक्टिस करते थे क्योंकि उनके दोनों कंधों में दर्द था। उन्होंने हर विषय को समझकर पढ़ा, रटने की बजाय उसे आसान भाषा में शॉर्ट नोट्स बनाकर रिवीजन किया। वे पुराने जमाने की पढ़ाई की तरह हर टॉपिक को पढ़कर उसका सार समझते और नोट बनाते थे।
उनके बड़े बेटे ललित अग्रवाल दिल्ली में CA हैं और छोटे बेटे अमित टैक्स प्रैक्टिस में हैं। दोनों बहुएं और पोतियां भी हमेशा मोटिवेट करती रहीं। इसी प्यार और सपोर्ट से वे दोबारा खड़े हुए और ये सफलता हासिल की।
Updated on:
15 Jul 2025, 10:43 AM IST
Published on:
14 Jul 2025, 4:40 PM IST
Copyright © 2026 Patrika Group. All Rights Reserved.