जयपुर फाउंडेशन के अध्यक्ष रहे सिया शरण लश्करी के मुताबिक एक अंग्रेज जयपुर के हाथी को दस हजार रूपए में खरीदना चाहता था । महाराजा माधो सिंह ने अंग्रेज से कहा कि हाथी के साथ महावत का आत्मिक संबंधी होता है। महावत को परिवार सहित इंग्लैंड ले जाना पड़ेगा। यह महंगा सौदा जानकर अंग्रेज को इरादा बदलना पड़ा।