जयपुर .
भीषण गर्मी में सड़क पर गन्ने का रस निकालने की मशीन देखते ही लोग ताजा रस पीने का मोह नहीं छोड़ पाते। शहर में कई दशकों से गन्ने का रस निकालने की लोहे की मशीनों का चलन आम है, लेकिन अब गन्ने का रस निकालने के लिए लकड़ी की मशीनों का उपयोग भी हो रहा है। इस मशीन से निकला रस लोग पसंद भी कर रहे हैं और सेहत के लिए भी अच्छा बता रहे हैं।
लकड़ी के चैंबर होने से नहीं घुलता लोहा
आमतौर पर गन्ने की मशीन पूरी तरह से लोहे की बनी होती है। मशीन में एक के ऊपर एक लोहे के चैंबर होते हैं। गन्ने को दोनों चैंबर में लगाया जाता है और रस निकलता है। रस पूरा निकले, इसके लिए दो से तीन बार गन्ने को चैंबर में डाला जाता है। ऐसे में लोहे के चैंबर घिसने लगते हैं। वहीं लकड़ी की मशीन में दोनों चैंबर लकड़ी के बने होते हैं।
छीलने से गांठ के निकल जाते हैं कीड़े
लकड़ी से बनी गन्ने का रस निकालने की मशीन की खास बात यह है कि गन्ने का रस निकालने के लिए गन्ने को पूरी तरह से छीला जाता है, जिससे गन्ने की गांठ पूरी तरह से हट जाए। इन गांठ में ही कई तरह के कीडे छुपे रहते हैं और छीलने से ये कीड़े बाहर रह जाते हैं। इस तरह का रस पूरी तरह से सेहत के लिए भी फायदेमंद रहता है।