
जयपुर. हिंदू नवसंवत्सर2080 में सावन अधिकमास होने से 12 के बजाय 13 हिंदू मास रहने का सिलसिला जारी है। ज्योतिषविदों के मुताबिक अधिकमास में विवाह, मुंडन, नामकरण, जनेऊ संस्कार जैसे मांगलिक कर्म नहीं किए जाते हैं। ज्योतिषाचार्य पं.दामोदर प्रसाद शर्मा के मुताबिक इस माह में सूर्य संक्रांति नहीं होगी। पूरे अधिकमास में सूर्य का राशि परिवर्तन नहीं होगा। इस माह में संक्रांति नहीं होने के कारण ये मास मलिन कहा गया है। इसलिए इसे मलमास कहते हैं। अधिकमास 16 अगस्त तक रहेगा। पुरुषोत्तम भगवान विष्णु का ही नाम है, इसलिए अधिकमास को पुरुषोत्तम मास के नाम से पुकारा जाता है।
शर्मा ने बताया कि सौर मास 365 दिन का और चांद्रमास 355 दिन का होता है, दस दिन का अंतर प्रत्येक वर्ष में होता है। इसलिए हर तीन साल में एक बार अधिकमास बनता है। इस समयावधि को बराबर करने के लिए शास्त्रों में अधिकमास का प्रावधान किया है। प्रत्येक चांद्रमास में एक सूर्य संक्रांति होना आवश्यक होता है।
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एकादशी व्रत अगले सप्ताह
पुरुषोत्तम मास की एकादशी 11-12 अगस्त को रहेगी। पहले दिन स्मार्त और अगले दिन वैष्णव संप्रदाय के लोग एकादशी मनाएंगे। जयपुर में 12 अगस्त को भक्त व्रत रखकर दान पुण्य करेंगे। इसके साथ ही मंदिरों में विशेष झांकियां सजेगी।
Published on:
02 Aug 2023 09:41 am
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