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यहां ढाबों पर करी-सब्जी के लिए जा रहा था 150 रुपए किलो का तेजाबयुक्त काजू

इस काजू को भी 100 रुपए प्रति किलो के भाव से फेरी वालों को बेच दिया जाता है। फेरी वाले इस काजू को 150 रुपए प्रति किलो के भाव से ढाबों व खुले बाजार में बिक्री कर देते हैं...
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जयपुर

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Dinesh Saini

Feb 21, 2019

Cashew nuts

जयपुर।

प्रदेश के स्वाद के बाजार पर घटिया सामग्री सप्लाई कर मोटा मुनाफा कमाने वालों का कब्जा हो गया है। हम बाजार में खाने की जो भी चीज खरीद रहे हैं या बाजार में ही खा रहे हैं, वे सुरक्षित है, इसकी कोई गारंटी नहीं है। राजधानी जयपुर के सरना डूंगर औद्योगिक क्षेत्र में एसिड शेष रहने वाले काजू को भी 150 रुपए किलो भाव में बाजार तक पहुंचाने का मामला सामने आया है। सीएमएचओजयपुर प्रथम डॉ.नरोत्तम शर्मा ने बताया कि यह कार्रवाई आदर्श केसू फैक्ट्री में की। यहां करीब 250 किलो काजू वेस्टेज रखे थे, जिसमे प्रोसेसिंग में एसिड शेष रह गया था। इस काजू को भी 100 रुपए प्रति किलो के भाव से फेरी वालों को बेच दिया जाता है। फेरी वाले इस काजू को 150 रुपए प्रति किलो के भाव से ढाबों व खुले बाजार में बिक्री कर देते हैं।


खराब काजू में रह जाता है एसिड
काजू प्रोसेसिंग कर तैयार किया जाता है। यह काफी जटिल होती है। इसकी कवरिंग पर एसिड होता है। मशीनों से प्रोसेसिंग कर इस एसिड को निकाला जाता है। लेकिन कुछ काजू में यह एसिड प्रोसेसिंग करने के बाद भी नहीं निकलता। इस शेष रहे काजू को खराब माना जाता है।

इधर, घी जैसी पैकिंग में रखा था पॉम ऑयल
दूसरी कार्यवाही श्री ताडक़ेश्वर एग्रो पर की। यहां 54 किलो पॉम ऑयल आकर्षक पैकिंग में रखा था। जिस पर एमआरपी 235 रु अंकित थी। इसी एमआरपी पर विक्रेता को बेचा जाना पाया गया। जांच नमूने लेकर केदावत ब्रांड कुकिंग मीडियम के 150 पैकेट सीज कर दिए गए हैं।

अनसेफ में 10 लाख रुपए तक जुर्माना
खाद्य सुरक्षा अधिनियम में अनसेफ श्रेणी के नमूनों में छह महीने की सजा से लेकर 10 लाख रुपए तक के जुर्माने के प्रावधान हैं। ऐसे नमूनों की संख्या प्रदेश भर में करीब 1800 और जयपुर जिले में ही करीब 200 है। हालांकि जुर्माने के तौर पर अकेले जयपुर प्रथम में ही 33 लाख 77 हजार रूपए से अधिक वसूल किए जा चुके हैं। अनसेफ श्रेणी के केस सीजेआइ कोर्ट में, जबकि मिसब्रांड व सबस्टैंडर्ड श्रेणी के केस एडीएम कोर्ट में चलाए जाते हैं।