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राजनीति में वंशवाद, भ्रष्टाचार पर लगे रोक, स्वच्छ छवि के युवाओं को मिले अवसर

राजनीति को स्वच्छ करने के लिए चलाए गए महाअभियान को मिल रहा समर्थन
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जयपुर

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Priyanka Yadav

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Updated: 16 Apr 2018, 4:13 PM IST

Jaipur News

जयपुर . राजस्थान पत्रिका द्वारा राजनीति को स्वच्छ करने के लिए चलाए गए महाअभियान को एरिया में भरपूर समर्थन मिल रहा है। वैशाली नगर पत्रिका अभियान के तहत प्रतिदिन क्षेत्र के शिक्षा, ज्ञान, वित्तिय और चिकित्सा आदि विभिन्न क्षेत्र से जुड़े लोगों से चर्चा कर रहा है जिसमें लोग उत्याह से अपनी भागीदारी दर्ज करवा रहे हैं। एसी परिचर्चाओं में वक्ताओं का कहना है कि राजस्थान पत्रिका ने इस महाअभियान के द्वारा आमजन की दुखती नब्ज को पकड़ा है जिसमें पत्रिका को महारथ हासिल है क्योंकि पत्रिका समय-समय पर जनता से जुड़े मुद्दे उठाता रहता है।

खातीपुर में राजनीति आजकल भ्रष्ट लोगों का, आपराधिक प्रवृत्ति के लोगों का पेशा बन चुका है। ऐसे में वे ही लोग नेता बन रहे हैं जिनका बैकग्राउंड ऐसा है। या फिर राजनीति पर वंशवाद हावी हो रहा है। नेताओं की पीढ़ी-दर-पीढ़ी पॉलीटिक्स पर अपना एकाधिकार जमाए हुए है। युवा यदि राजनीति में आना भी चाहें तो उन्हें मौका नहीं मिल रहा। कुछ ऐसे ही विचार सामने आए चिकित्सकों के। मौका था खातीपुरा स्थित निजी अस्पताल में राजस्थान पत्रिका के महाअभियान राजनीति में शुद्धिकरण के संबंध में चर्चा का। वक्ताओं ने कहा कि इस अभियान में ज्यादा से लोगों को जुड़ कर अपनी भागीदारी निभानी चाहिए खासकर युवाओं को क्योंकि युवा ही देश का भविष्य हैं। यदि स्वच्छ छवि के लोग राजनीति के शुद्धिकरण के दृढ़ संकल्प के साथ राजनीति में आए जाएं तो देश की पॉलीटिक्स में स्वच्छता की बयार बहने लगेगी।

नेताओं को कोसने से कुछ नहीं होने वाला

परिचर्चां में अपनी बात रखते हुए वक्ताओं ने कहा कि राजनीति और नेताओं को हम दिन-रात कोसते रहते हैं लेकिन इससे देश का कुुछ फायदा नहीं होने वाला। यदि इसे स्वच्छ करने के संकल्प के साथ हम में से ही कुछ लोग आगे आएं तो राजनीतिक गंदगी साफ होगी जो वर्तमान हालातों में अत्यंत आवश्यक है।

उम्मीदवार थोप रही पार्टियां

चर्चा में ये बात भी सामने आई कि चुनावों के समय राजनीतिक दल अपनी मर्जी का प्रत्याशी चुनाव मैदान में उतार देेते हैं जिससे मतदाता के सामने दो में से एक को चुनने का विकल्प मात्र रहता है। इसलिए यदि वास्तव में राजनीति को शुद्ध करना ही है तो चुनाव आयोग को ऐसी व्यवस्था करनी होगी कि किसी भी चुनाव में प्रत्याशी को खड़ा करने से पहले जनता की राय ली जाए।

हमारी इमेज इतनी खराब नहीं

जब डॉक्टर्स से पूछा गया कि क्या आप राजनीति में जाना पसंद करेंगे तो सभी ने एक स्वर से जवाब दिया कि हमारी इमेज इतनी खराब नहीं है। उनका कहना था कि वर्तमान परिप्रेक्ष्य में राजनीति और भ्रष्टाचार एक ही सिक्के के दो पहलू हैं। वे ही लोग नेता बन रहे हैं जिनका मकसद दबंगई से पैसा कमाना है। अब पहले जैसी राजनीति नहीं रही। न कमिटमेंट है और न सेवा है।

निकम्मे जा रहे राजनीति में

जो लोग कम पढ़े-लिखे हैं, जिन्हें कोई काम नहीं मिल रहा और जो कम समय में ज्यादा पैसा कमाना चाहते हैं वे राजनीति में जा रहे हैं। अब भ्रष्टाचार ने नासूर का रूप धारण कर लिया है ऐसे में अब दवा काम नहीं कर रही राजनीति को सर्जरी को जरूरत है। चर्चा में शामिल चिकित्सकों ने कहा कि सर्जरी से पहले कुछ प्राथमिक उपचार भी किए जा सकते हैं जैसे युवा आगे आएं, वंशवाद का खात्मा हो। इसके अलावा मतदाता अयोग्य को वोट ने करें नोटा का बटन दबाएं।

हालात तो ये हो रहे हैं कि कोई सगा-संबंधी नेता है तो उसे दूसरों को बताने में भी शर्म आती है। राजस्थान पत्रिका ने जो अभियान चलाया है इससे चरित्रवान और संस्कारवान लोग राजनीति में आएंगे।

युवा हो रहे राजनीति से दूर

परिचर्चा में शामिल चिकित्सकों ने इस बात पर भी चिंता व्यक्त की कि वर्तमान परिप्रेक्ष्य में युवा राजनीति से दूर हो रहे हैं जो देश और प्रदेश के लिए शुभ संकेत नहींं है। इस अभियान का उद्देश्य साफ छवि के लोगों को राजनीति में आगे तक लान है जिसके लिए युवाओं को पहल करनी होगी क्योंकि युवाओं में भरपूर ऊर्जा होती है जो देश का कुछ भला कर सकते हैं।

ये रहे उपस्थित

डॉ. राकेश यादव, डॉ. एस.के. जोशी, डॉ. रोहिताश्व, डॉ. साजिद हुसैन, डॉ. शांतनु जैन, डॉ. सुभाष यादव, डॉ. वी.के. तिवाड़ी, डॉ. अनुराग विजयवर्गीय।

डॉ. राकेश यादव ने कहा की मौजूदा राजनीतिक हालातों को देखते हुए स्वच्छ छवि के नेताओं की जरूरत है। राजस्थान पत्रिका इस महाअभियान के माध्यम से स्वच्छ छवि के लोगों को आगे आने को प्रोत्साहित कर रहा है। ऐसे में देश को आने वाले समय में इसका फायदा अवश्य मिलेगा।


डॉ. एस.के. जोशी ने कहा की राजनीतिक दलों को प्रत्याशी चयन से पहले जनता के बीच जा उसकी राय लेनी चाहिए। साथ ही राजनीतिक शुद्धिकरण के लिए नये चेहरों को मौका देना चाहिए।