5 जनवरी 2026,

सोमवार

Patrika LogoSwitch to English
home_icon

मेरी खबर

catch_icon

प्लस

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

शहर से पेड़ पौधे हटाकर पहुंचाया जा रहा है, पर्यावरण को नुकसान

बच्चों के झूले टूटे, बंद पड़े फव्वारे में फैली गन्दगी, पार्क में उजाड़ सा नजारा

2 min read
Google source verification
jaipur city news

जयपुर . परकोटा में मेट्रो भले ही रफ्तार भरे, लेकिन जिस तरह पर्यावरण को नुकसान हुआ है, उसकी भरपाई होती नहीं दिख रही है। पहले चांदपोल बाजार से बड़ी चौपड़ तक कई पेड़ों को हटाया और हाल ही में छोटी और बड़ी चौपड़ से बरगद के पेड़ों को भी हटा दिया गया। गर्मी के दिनों में चौपड़ों पर लगे ये बरगदों के पेड़ व्यापारियों के साथ-साथ उन यात्रियों को भी शीतलता देते थे, जो गंतव्य को जाने के लिए बसों का इंतजार करते थे।

पौधों की देखरेख करने वाला कोई नहीं

त्रिपोलिया बाजार और चांदपोल बाजार में मेट्रो की ओर से करीब १०० पौधे लगाए थे। इन जगहों से पेड़ काटे गए थे। गमले में फूलों के पौधे लगाकर मेट्रो प्रशासन ने इतिश्री कर ली। मौजूदा स्थिति देखें तो अधिकतर पौधों के निशान ही बचे हैं। यही स्थिति चांदपोल बाजार में मेट्रो की ओर से लगाए गए पौधों की रही है। मेट्रो अधिकारियों का कहना है कि एक माह के बाद इन पौधों की देखरेख व्यापारियों को करनी थी।

फैक्ट फाइल

- 3000 पौधे लगाए थे मेट्रो प्रशासन ने घाट की गूणी स्थित पहाड़ पर
- 100 पेड़ों का हटाया जा चुका है परकोटा में मेट्रो के निर्माण कार्य के दौरान
- 30 से अधिक पेड़ों का पुन: लगाने का काम किया है मेट्रो प्रशासन ने
- 50-50 पौधे लगवाए थे मेट्रो ने परकोटा के चांदपोल और त्रिपोलिया बाजार में

यहां राहत की बात

बीते माह चौपड़ों से हटाए गए तीन बरदग के पेड़ नाहरगढ़ बॉयलॉजीकल पार्क में लगाए गए हैं। यदि सब कुछ सही रहा तो आने वाली बरसात से इन पेड़ों को नई ऊर्जा मिलेगी। अभी ठूंठ में नई कोपल निकलने लगी हैं। पर्यावरण से जुड़े लोगों की मानें तो पार्क में पेड़ लगाने का उद्देश्य यहां की बेहतर मिट्टी थी। यहां पर पेड़ के जीवित रहने की संभावना अधिक थी। उसी को ध्यान में रखते हुए यहां पर इनको लगाया गया है।