
Asia की पहली महिला Loco pilot ने चलाई Vande Bharat
मुंबई. एशिया की पहली महिला लोको पायलट सुरेखा यादव (58) ने सोलापुर से मुंबई के छत्रपति शिवाजी महाराज टर्मिनस (सीएसएमटी) तक वंदे भारत एक्सप्रेस चलाई। इसके साथ ही वह अत्याधुनिक तकनीक से सुसज्जित यह ट्रेन चलाने वाली पहली महिला लोको पायलट बन गई हैं। इस उपलब्धि के लिए साथी पायलटों ने सीएसएमटी के प्लेटफॉर्म पर उनका शानदार स्वागत किया। मध्य रेलवे के एक अधिकारी ने कहा कि महिलाओं के साथ-साथ भारतीय रेलवे के लिए भी यह गौरवपूर्ण पल है।
सुरेखा ने यह ट्रेन चलाने का अवसर देने के लिए मध्य रेलवे का आभार जताया। ट्रेन सही समय पर सोलापुर से रवाना हुई और समय से पांच मिनट पहले सीएसएमटी पहुंच गई। वंदे भारत के संचालन के लिए सुरेखा को फरवरी में वडोदरा के रेलवे संस्थान में प्रशिक्षण दिया गया। प्रशिक्षण में सिग्नल का पालन, नए उपकरणों पर हाथ आजमाना और चालक दल के सदस्यों के साथ समन्वय शामिल था। वंदे भारत ट्रेन चलाने के पहले अनुभव के बारे में सुरेखा ने कहा, यह उन्नत तकनीक से लैस सेमी हाई स्पीड ट्रेन है। पारंपरिक ट्रेनों के मुकाबले इसके संचालन में ज्यादा सतर्कता की जरूरत है।
कभी कार या दोपहिया वाहन नहीं चलाया
महाराष्ट्र के सतारा की रहने वाली सुरेखा यादव 1988 में देश की पहली महिला ट्रेन ड्राइवर बनीं। उन्हें सबसे कुशल ट्रेन चालकों में गिना जाता जाता है, लेकिन उन्होंने कार या दोपहिया वाहन कभी नहीं चलाया। उन्होंने कहा, मुझे यकीन है कि मैं वह सब कुछ कर सकती हूं, जो पुरुष कर सकते हैं। मैंने कार या बाइक चलाने में हाथ नहीं आजमाया, क्योंकि मुझे ऐसा करने की जरूरत नहीं पड़ी।
टीचर बनने का था सपना
सुरेखा पढ़ाई के दौरान लोको ड्राइवर नहीं, टीचर बनना चाहती थीं। इंजीनियरिंग में डिप्लोमा के बाद उनका इरादा बदल गया। वह लोको पायलटों की प्रशिक्षक भी हैं। उन्हें राज्य और राष्ट्रीय स्तर पर कई पुरस्कारों से सम्मानित किया जा चुका है। रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने ट्विटर पर फोटो शेयर किया। इसमें सुरेखा वंदे भारत के पायलट केबिन में दिख रही हैं। वैष्णव ने लिखा, वंदे भारत.. पावर्ड बाय नारी शक्ति।
Published on:
15 Mar 2023 01:50 am
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