
नौतपा में सूर्यदेव के दिखेंगे तीखे तेवर
जयपुर. सूर्य के रोहिणी नक्षत्र में जाने से गर्मी बढ़ जाती है। इस अवधि के नौ दिनों को साधारणत: नौतपा के नाम से जाना जाता है जब सूर्य की प्रचंडता के कारण गर्मी चरम पर जा पहुंचती है। नौतपा के दौरान गर्मी से बचाने वाली चीजों जैसे जल, कपड़े, छाते, जूते-चप्पल आदि के साथ ही पानी का घड़ा और पंखा दान करने का भी विधान है।
यही कारण है कि इस अवधि में प्याउ आदि खुलवाने की परंपरा है। ज्योतिषाचार्य पंडित सोमेश परसाई बताते हैं कि धार्मिक ग्रंथों में भी नौतपा के दौरान किए जानेवाले दान—पुण्य आदि का विस्तार से वर्णन किया गया है। अनेक पुराणों में साफतौर पर उल्लेखित किया गया है कि नौतपा में किए गए जल या अन्न व सत्तू आदि के दान से जाने-अनजाने में किए गए समस्त पापों से मुक्ति मिल जाती है।
इस बार नौतपा 25 मई से प्रारंभ हो चुका है जोकि 3 जून तक रहेगा। नौतपा के शेष दिनों में जरूरतमंद लोगों को मटका, पंखा या कूलर के साथ सत्तू का दान अवश्य करें। धर्म ग्रंथों में नौतपा के दौरान पेड़-पौधों को सींचने या पौधे लगाने का सबसे ज्यादा महत्व बताया गया है। नौतपा में पेड़-पौधों को पानी देने पितर प्रसन्न होते हैं। पितरों के आशीर्वाद से सभी काम पूरे होने लगते हैं।
Published on:
28 May 2021 04:41 pm
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