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हर राम नवमी पर गर्भगृह में होगा भगवान का ‘सूर्य तिलक’

अयोध्या : मूर्ति की प्राण प्रतिष्ठा 22 जनवरी को होने के आसार। 80 फीसदी काम पूरा, निर्माण समिति की दो दिवसीय बैठक शुरू।
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जयपुर

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Aryan Sharma

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Updated: 28 Apr 2023, 10:50 PM IST

हर राम नवमी पर गर्भगृह में होगा भगवान का 'सूर्य तिलक'

हर राम नवमी पर गर्भगृह में होगा भगवान का 'सूर्य तिलक'

नई दिल्ली. अयोध्या में राम मंदिर का निर्माण कार्य तेजी से जारी है। राम मंदिर निर्माण समिति की शुक्रवार को शुरू हुई दो दिवसीय बैठक के बाद उत्तर प्रदेश के वित्त एवं संसदीय कार्यमंत्री सुरेश खन्ना ने ट्वीट में बताया कि 22 जनवरी, 2024 को गर्भगृह में रामलला की प्राण प्रतिष्ठा की जाएगी। हालांकि श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने फिलहाल इस तारीख पर अंतिम मुहर नहीं लगाई है। गर्भगृह ऐसा बनाया जा रहा है कि रामलला की मूर्ति पर हर राम नवमी को सूर्य की किरणें अभिषेक करें। उस दिन पांच मिनट तक सूर्य की किरणें रामलला के ललाट पर रहेंगी। इसे सूर्य तिलक कहा जा रहा है।

राम मंदिर के निर्माण और प्रबंधन के लिए स्थापित श्री रामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष स्वामी गोविंद देव गिरी महाराज ने पहले बताया था कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जनवरी 2024 के तीसरे सप्ताह में निर्माणाधीन मंदिर में भगवान रामलला की मूर्ति उसके मूल स्थान पर स्थापित करेंगे। रामलला की पुरानी और नई, दोनों प्रतिमाओं को राम मंदिर में स्थापित करने की योजना है। श्री रामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के मुताबिक, मंदिर का 80 फीसदी निर्माण कार्य पूरा हो गया है। मंदिर में 166 पिलर लगाए जा रहे हैं। गर्भगृह समेत सिंह द्वार, नृत्य, रंग, गुड़ और कीर्तन मंडप बनाए जा रहे हैं। गर्भगृह तक पहुंचने के लिए 34 सीढि़यां बनाई गई हैं।

श्यामल रंग के पत्थर से बनेगी प्रतिमा
भगवान राम की प्रतिमा की तैयारी अयोध्या के रामसेवक पुरम की कार्यशाला में चल रही है। प्रतिमा कर्नाटक के मैसूर से लाए गए श्यामल रंग के पत्थर से बनाई जाएगी। यह पांच फीट लंबी होगी। भगवान कमल दल पर विराजमान होंगे। माथे पर मुकुट और हाथ में तीर-धनुष होंगे। तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष गोविंद देव गिरी ने बताया कि दिसंबर 2023 के पहले गर्भ गृह का निर्माण पूरा हो जाएगा।

मंदिर के लिए चंदे में तेजी से बढ़ोतरी
ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय ने बताया कि मंदिर के लिए चंदे में तेजी से वृद्धि हो रही है। इसे देखते हुए निकट भविष्य में तिरुपति बालाजी मंदिर की तर्ज पर व्यवस्था करनी पड़ेगी। बालाजी मंदिर में सैकड़ों कर्मचारी रोजाना दान में आने वाली रकम की गिनती करते हैं।