
शैलेंद्र शर्मा / जयपुर। पारिवारिक कलह हो या फिर अन्य कोई मानसिक तनाव। लोगों के जीवन में अवसाद इस कदर हावी होने लगा है कि वे लोग मौत को लगे लगाने लगे हैं। पहले इस तरह की घटनाएं गृह क्लेश या आर्थिक तंगी से त्रस्त मध्यम वर्ग के लोगों में देखने को मिलती थी, लेकिन अब अवसाद ने शीर्ष पदों पर आसीन आईएएस, आईपीएस जैसे अधिकारियों को भी अपनी आगोश में ले लिया है। मंगलवार को भारतीय राजस्व सेवा(आईआरएस) अधिकारी बिन्नी शर्मा ने फंदा लगाकर अपनी जीवनलीला समाप्त कर ली, वहीं इससे पहले इंदौर के आध्यात्मिक गुरु भय्यू जी ने परिवारिक तनाव से त्रस्त हो खुद को गोली मार ली थी। पिछले माह जयपुर जिले के शाहपुरा थाने के एसएचओ वीरेन्द्र सिंह ने अपने क्वार्टर में आत्महत्या कर ली थी। इस तरह की घटनाओं से हर कोई स्तब्ध है।
आईपीएस-आईएएस भी हारे
12 मई 2018 : मुंबई के पुलिस विभाग में संयुक्त आयुक्त (अपराध शाखा) और आंतकवाद निरोधक दस्ते (एटीएस) हिमांशु राय ने 12 मई को अपने घर में खुद को गोली मार ली।
29 मई 2018 : लखनऊ में एटीएस के तेज तर्रार एएसपी राजेश साहनी ने खुदकुशी की। उन्होंने एटीएस मुख्यालय में अपने आप को गोली मार ली। आत्महत्या के कारणों का खुलासा नहीं हो पाया है।
24 दिसंबर 2016 : जयपुर के एटीएस के एडिशनल एसपी आशीष प्रभाकर ने अपनी कार के अंदर एक महिला की हत्या कर खुद को गोली मार ली।
10 अगस्त 2017 : बिहार के बक्सर में नवपदस्थापित तेज तर्रार डीएम मुकेशकुमार पाण्डेय ने दिल्ली में आत्महत्या की। उन्होंने अपने फोन से भेजे एक मैसेज में लिखा था, 'मैं जीवन से निराश हूं और मानवता से मेरा विश्वास उठ गया है।'
14 दिसंबर 2017 : बिहार सुपौल के आईएएस अफसर जितेंद्र झा का शव दिल्ली के कैंट रेलवे ट्रैक के पास मिला। शव के पास से मिले सुसाइड नोट में किसी को भी अपनी मौत का जिम्मेदार नहीं ठहराया है।
31 मई 2017 : जम्मू-कश्मीर कैडर के आईएएस अफसर आशीष दहिया की दिल्ली में एक स्विमिंग पूल में डूबकर संदिग्ध हालत में मौत हुई। पुलिस के मुताबिक उस समय आशीष एक महिला अफसर को बचाने के लिए स्विमिंग पूल में कूदे थे। उनकी मौत आज भी एक रहस्य है।
17 मई 2017 : आईएएस अनुराग तिवारी का शव लखनऊ में सड़क किनारे पड़ा मिला था। परिजनों की माने तो अनुराग कर्नाटक में हुए एक बड़े घोटाले को उजागर करने वाले थे। इसी सिलसिले में उन्हें लगातार धमकियां मिल रही थी।
30 दिसंबर 2016 : दिलेर आईएएस अधिकारी संजीव दुबे का शव उनके कमरे में पंखे से लटका मिला था। दुबे उस समय प्रमुख सचिव (होमगार्ड) के पद पर तैनात थे। सूत्रों के मुताबिक दुबे पिछले कई वर्षों से बीमार थे, जिसके कारण वह अवसाद में थे।
16 मार्च 2015 : कर्नाटक में एक आईएएस डीके रवि ने अपने सरकारी आवास पर फंदा लगाकर खुदकुशी कर ली। रवि वाणिज्य विभाग में अतिरिक्त आयुक्त पद पर तैनात थे। मामले की शुरूआती जांच के बाद पुलिस ने भी रवि की मौत को खुदकुशी बताया था। परिजनों ने उनकी मौत को एक साजिश बताते हुए सीबीआई जांच की मांग की थी।
आंतरिक पूर्णता जरूरी
जीवन में बाहरी सफलता और आंतरिक पूर्णता में तालमेल रहे तो अवसाद की स्थिति नहीं आती। आंतरिक संतुष्टि नहीं है तो नाम, पैसा, पद व प्रतिष्ठा कोई मायने नहीं रखता। कुछ इसी तरह की स्थिति हाई प्रोफाइल सुसाइड मामलों में देखने को मिलती है। अपने संबंधों का ख्याल रखें। सकारात्मक ऊर्जा के लिए सत्संग व स्वाध्याय करें।
दूसरा होता है क्लिनिकल डिप्रेशन, जो एक बीमारी है। इसमें व्यक्ति अचानक उदास रहने लगता है। उसे नींद नहीं आती और भूख भी नहीं लगती। ऐसा व्यक्ति अपने पारिवारिक व अन्य रिश्तों में सामंजस्य नहीं रख पाता और उसके मन में आत्महत्या करने के विचार आने लगते हैं। ऐसे व्यक्ति का समय रहते उपचार जरूरी है।
-डॉ. अनिल तांबी, प्रोफेसर, मनोरोग चिकित्सालय
आत्महत्या अब एक जनस्वास्थ्य एवं सामाजिक समस्या बन चुकी है। प्रदेश में आत्महत्या को रोकने के लिए सरकार मानसिक स्वास्थ्य देखरेख अधिनियम-२०१७ को मजबूती से क्रियान्वयन करें।
भूपेश दीक्षित, जनस्वास्थ्य विशेषज्ञ, आरोग्य सिद्धी फाउंडेशन
Published on:
08 Aug 2018 10:07 pm
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