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किसान परिवार में जन्मी आरएएस पिंकी, कभी थी महिलाओं की आइकन, ऐसे पहुंची सलाखों के पीछे

पहली बार में उत्तीर्ण कर ली थी आरएएस की परीक्षा, छोटी उम्र में आरएएस बनी पिंकी का नायिका से खलनायिका तक का सफर, निलंबित आरएएस पिंकी की जमानत याचिका खारिज

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जयपुर। एक साधारण से परिवार में पली बढ़ी चौमूं के चीथवाथी निवासी पिंकी मीणा कम उम्र में आरएएस बनकर महिलाओं के लिए एक प्रेरणा स्त्रोत बनी थी। लेकिन अब यही पिंकी मीणा भ्रष्टाचार के आरोप में फंसकर सलाखों के पीछे पहुंच गई है। पिंकी मीणा का यह सफर बहुत ही उतार-चढ़ाव भरा रहा है।

एक ओर जहां पिंकी ने एक छोटे से गांव में विपरीत परिस्थितियों में पढ़-लिखकर राज्य प्रशासनिक अधिकारी में चयनित होकर परिवार का ही नहीं बल्कि अपने गांव को गौरवान्वित किया था। इसके ठीक दो साल बाद ही दस लाख रुपए की रिश्वत मांगने के मामले में एसीबी ने पिंकी को गिरफ्तार कर लिया। पिंकी की जमानत अर्जी भी एसीबी मामलों की विशेष अदालत क्रम-2 ने खारिज कर दी है।

गौरतलब है कि केसीसी बिल्डकॉन कंपनी ने एसीबी में रिपोर्ट दी थी कि उसकी कंपनी दिल्ली से बडोदरा आठ लेन रोड निर्माण कर रही है। सुचारू रोड निर्माण के लिए स्थानीय प्रशासन के सहयोग की जरूरत होती है। निर्माण कार्य में रुकावट नहीं डालने की एवज में एसडीएम रिश्वत मांग रही है। रिपोर्ट पर कार्रवाई करते हुए एसीबी ने बांदीकुई एसडीएम पिंकी मीणा को दस लाख रुपये रिश्वत मांगने के आरोप में 13 जनवरी को गिरफ्तार किया था। इसके बाद उन्हें अपने पद से भी निलंबित कर दिया गया है।

कम उम्र में ही चयन
पिंकी शुरू से ही पढ़ाई में होनहार छात्रा थी। पिंकी ने एक साक्षात्कार में बताया था कि उसका बचपन से ही आरएएस बनने का सपना था। इसके लिए पिंकी ने खेतीबाड़ी और पशुपालन में भी माता-पिता का हाथ बंटाते हुए अध्ययन जारी रखा। 12वीं तक विज्ञान फिर बीए करते ही पहली बार में आरएएस परीक्षा उत्तीर्ण कर ली थी, लेकिन निर्धारित 21 साल की नहीं होने के कारण साक्षात्कार नहीं दे पाई थीं। इसके बाद वर्ष 2016 में राजस्थान प्रशासनिक सेवा परीक्षा में अपने वर्ग से टॉप करने का लक्ष्य हासिल किया। पिंकी के सबसे बड़े भाई आरजेएस व दो भाई शिक्षा विभाग में कार्यरत हैं।

लालच ऐसा जब चाहे बढ़ा देती थी रिश्वत की राशि

एसडीएम पद पर रहते हुए पिंकी ने हाईवे बनाने वाली कम्पनी से पहले 6 लाख रुपए मांगे थे। इसके बाद कम्पनी ने सम्पर्क किया तो उन्होंने 6 से बढ़ाकर रिश्वत की रकम 10 लाख रुपए कर दी। कम्पनी ने सवाल उठाया तो पिंकी ने कहा, करोड़ों का काम कर रहे हो, इतना तो लगेगा ही। यहां तक कि पिंकी ने सीएम की वीसी में के समय भी कम्पनी के प्रतिनिधि से रिश्वत के रुपए लाइजनर को देने के लिए कह दिया था। इसके बाद एसीबी ने उसे गिफ्तार कर लिया।

कोर्ट में नहीं आया काम यह पैंतरा

पिंकी ने कोर्ट में अपनी जमानत याचिका के प्रार्थना पत्र में कहा कि उसे फंसाया जा रहा है। उसने कभी भी रिश्वत की मांग नहीं की थी और एसीबी ने उससे कुछ भी बरामद नहीं किया है। इसके अलावा उसकी 16 फरवरी को शादी होने वाली है। उसे जमानत पर रिहा किया जाना चाहिए। इस पर अदालत ने अपने आदेश में कहा कि आरोपी पर रिश्वत का गंभीर आरोप है, ऐसे में उसे जमानत का लाभ नहीं दिया जा सकता।