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पंचायत जिला परिषद चुनाव की घोषणा से मंत्रिमंडल फेरबदल पर संशय के बादल

-आचार संहिता में मंत्रिमंडल फेरबदल पर संवैधानिक बाध्यता नहीं, आचार संहिता के बीच मंत्रिमंडल हुआ तो विपक्ष हो सकता है हमलावर, संबंधित जिलों से आने वाले मंत्रियों को बाहर किया तो उठाना पड़ेगा नुकसान
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जयपुर। मंत्रिमंडल विस्तार और फेरबदल की सुगबुगाहट के बीच प्रदेश के 6 जिलों में जिला परिषद और पंचायत समिति सदस्यों के चुनाव की घोषणा से अब मंत्रिमंडल फेरबदल विस्तार पर संशय के बादल मंडराने लगे हैं। अब मंत्रिमंडल विस्तार होगा या नहीं, इसे लेकर कांग्रेस के सियासी गलियारों में चर्चा चल पड़ी है।

दरअसल चर्चा इस बात की है कि आचार संहिता लागू होने के बाद क्या मंत्रिमंडल होगा या फिर इसे चुनाव तक टाला जाएगा। हालांकि जानकारों की माने तो राजस्थान अमुमन चुनाव के बीच अधिकांश समय सरकारों ने मंत्रिमंडल विस्तार को टालना ही उचित समझा है।

संवैधानिक बाध्यता नहीं
हालांकि जिला परिषद पंचायत चुनाव के चलते लागू की गई आचार संहिता के बीच मंत्रिमंडल नहीं करने को लेकर कोई संवैधानिक बाध्यता नहीं है, सरकार की इच्छा हो तो मंत्रिमंडल विस्तार और फेरबदल कर सकते गहैं लेकिन राजस्थान में विधानसभा उपचुनाव हो या फिर पंचायतों और निकायों के चुनाव, आचार संहिता की पालना के चलते अभी तक मंत्रिमंडल विस्तार टाला ही गया है।

मंत्रिमंडल विस्तार पर विपक्ष उठा सकता है सवाल
दऱअसल पंचायत चुनाव के बीच मंत्रिमंडल विस्तार या फेरबदल होता है और संबंधित चुनाव वाले जिलों से विधायकों को मंत्रिमंडल में शामिल किया जाता है तो विपक्ष कांग्रेस पार्टी पर चुनाव में फायदा लेने के आरोप लगाते हुए सवाल खड़े कर सकता है।

सरकार के सामने ये भी परेशानी
बताया जाता है कि आचार संहिता के बीच मंत्रिमंडल विस्तार और फेरबदल किया जाता है तो इससे कांग्रेस पार्टी और सरकार के लिए परेशानी भी खड़ी हो सकती है, दरअसल मंत्रिमंडल से बाहर किए जाने वाले मंत्री अगर चुनाव से संबंधित जिलों से हुए तो जिला परिषद और पंचायत चुनाव में पार्टी को इसका खमियाजा भुगतना पड़ सकता है।

अब कांग्रेस आलाकमान को करना है फैसला
इधर मंत्रिमंडल विस्तार किया जाए या नहीं इस पर अब अंतिम मुहर कांग्रेस आलाकमान को ही करनी है। अगर कांग्रेस आलाकमान पंचायत जिला परिषद चुनाव के बीच मंत्रिमंडल विस्तार को हरी झंडी देता है तो फिर मंत्रिमंडल विस्तार हो सकता है।

चुनाव घोषित होने से इन मंत्रियों को राहत
इधर पंचायत जिला परिषद चुनाव की घोषणा से उन मंत्रियों को राहत मिली है जिन पर मंत्रिमंडल से बाहर होने की तलवार लटकी हुई थी, इनमें जयपुर जिले से प्रताप सिंह खाचरियावास ,लालचंद कटारिया, दौसा से ममता भूपेश और भरतपुर से सुभाष गर्ग जैसे नाम प्रमुख हैं। गौरतलब है कि राज्य निर्वाचन आयोग ने गुरुवार को भरतपुर, दौसा, जयपुर, जोधपुर, सवाईमाधोपुर और सिरोही में पंचायत और जिला परिषद चुनाव की घोषणा की है। पंचायत और जिला परिषद तीन चरणों में होंगे।