
स्वच्छता परीक्षा का Countdown शुरू
भवनेश गुप्ता / जयपुर। स्वच्छता की परीक्षा नजदीक आते ही नगर निगम फिर चेता है। परीक्षा का पेपर इस बार 5 की जगह 6 हजार अंक का होने के बाद निगम प्रशासन की नींद उड़ी हुई है। इसमें लोगों से फीडबैक के अंक अब ज्यादा हो गए हैं। इसी कारण अब इस मुहिम में ज्यादा से ज्यादा जनता को जोड़ने की कवायद तेज हो गई है। स्कूल, कॉलेज और कोचिंग संस्थानों में अध्ययनरत बच्चों को स्वच्छता का पाठ पढ़ाना शुरू कर दिया है। स्वच्छता को लेकर प्रश्नोत्तरी, चित्रकला, पोस्टर सहित अन्य प्रतियोगिता भी आयोजित कराई जाएगी। अफसरों को उम्मीद है कि उनकी जागरुकता का असर उनके माता—पिता और अन्य परिवारजन पर होगा। इसके अलावा एनजीओ, विकास समितियों, संस्था और संगठनों को भी स्वच्छता से जोड़ने की रस्मअदायगी होगी। हर साल स्वच्छता सर्वेक्षण से ठीक पहले निगम यही कवायद करता रहा है, जबकि केन्द्र सरकार ने इसे मुहिम की तरह लागू करने के निर्देश दिए थे।
6 हजार अंक का होगा पेपर
1500 अंक सफाई व्यवस्था, सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट और कचरा डिपो से जुड़े हुए होंगे
1500 अंक के सवाल शहरवासियों से स्वच्छता को लेकर पूछे जाएंगे
1500 अंक में निगम अपने स्तर पर शौचालय व साफ सफाई की हकीकत बताएगा
1500 अंक कचरा मुक्त और खुले में शौच मुक्त से जुड़ी हुई स्थिति के होंगे
जनता को रटा रहे प्रश्न और उसके जवाब
स्वच्छता सर्वेक्षण के दौरान केन्द्रीय टीम अगले माह जयपुर आएगी। निगम प्रशासन के आलवा लोगों की भी परीक्षा होगी। इस परीक्षा की भी निगम तैयारी करवा रहा है। ऐसा ही एक प्रश्न है, जिसका जवाब जनता को रटाया जा रहा है। इसमें शहर में सार्वजनिक शौचालय गूगल मैप पर दर्ज होने की जानकारी दी जा रही है। इसके जरिए लोगों को तत्काल अपने आस—पास शौचालय की जानकारी मिल जाएगी। यह सर्च करने की पूरी प्रक्रिया लोगों को बताई जा रही है। स्वच्छता सर्वेक्षण में सिटीजन फीडबैक के अंतर्गत सात सवाल शहरवासियों से पूछे जाएंगे, यह सवाल उन्हीं में से एक है।
एक माह चुनौती से कम नहीं..
शहर में हर दिन करीब 1800 मैट्रिक टन कचरा एकत्रित होता है। इस कचरे को रिसाइकिल कर उपयोगी बनाने पर भी जांच टीम की निगाह होगी। मौजूदा हालात में साफ हो गया है कि स्वच्छता सर्वेक्षण की तैयारियों को लेकर निगम के पास अब केवल एक माह का समय बचा है। इसी समय सीमा में बेहतर प्रदर्शन करना किसी चुनौती से कम नहीं होगा।
-लोगों की जागरुकता के बिना हर मुहीम अधूरी है। इसी कारण बच्चों को स्वच्छता के बारे में बता रहे हैं, जिनकी बात का असर माता—पिता और अन्य परिवाजन पर प्रभावी असर पड़ता है। इसके अलावा एनजीओ, संगठन, विकास समितियां भी साथ हैं। जयपुर इस बार और बेहतर प्रदर्शन करेगा। -विजयपाल सिंह, आयुक्त, नगर निगम
Published on:
03 Dec 2019 01:33 pm
