
जयपुर। राजधानी जयपुर में 1 से लेकर 10 साल तक के बच्चे इस साल स्वाइन फ्लू वायरस के निशाने पर है। जिससे स्वास्थ्य विभाग चिंतित है। वहीं इस महीने के 22 दिन के आंकडे देखें तो जयपुर जिले में महिला और पुरूष दोनों ही बराबर की संख्या में स्वाइन फ्लू का निशाने पर है। जहां तक शिशिुओं और बच्चों में स्वाइन फ्लू के मामले का सवाल है तो विशेषज्ञ चिकित्सकों का यहीं कहना है कि शिशु और बच्चों की रोग प्रतिरोधक क्षमता कम होती है जिससे वे आसानी से स्वाइन फ्लू के संक्रमण का शिकार हो रहे है। वहीं जयपुर जिले के ग्रामीण क्षेत्रों के मुकाबले जयपुर शहर में स्वाइन फ्लू के पांच गुना ज्यादा मामले सामने आए है।
100 बच्चे स्वाइन फ्लू के शिकार -
स्वास्थ्य विभाग से मिली जानकारी के अनुसार बीते 22 दिन में राजधानी जयपुर में जितने भी मामले स्वाइन फ्लू के सामने आए तो उनकी स्क्रीनिंग की गई। स्क्रीनिंग में पता चला कि राजधानी जयपुर में आए 304 मामलों में से 100 मामले शिशुओं और बच्चों में स्वाइन फ्लू के थे। स्क्रीनिंग के अनुसार 1 से लेकर 5 वर्ष तक के 64 और 31 बच्चे 6 से 10 साल तक की उम्र के थे।
20 से ज्यादा की उम्र के 250 को हुआ स्वाइन फ्लू -
स्क्रीनिंग रिपोर्ट के अनुसार राजधानी जयपुर में जितने भी मरीज अब तक स्वाइन फ्लू पीडित मिले हैं उनमें से 250 मरीज 20 साल की उम्र के हैं और 100 से ज्यादा मरीज 20 साल की उम्र से ज्यादा के है। वहीं इनमें 159 महिलाएं हैं और 192 पुरूष है।
शिशुओं ओर बच्चों में रोग प्रतिरोधक क्षमता कम -
शिशु रोग विशेषज्ञों का कहना है कि शिुशओं और बच्चो में रोग प्रतिरोधक क्षमता कम होने से बच्चे वैसे किसी भी संक्रमण का शिकार बडों की अपेक्षा जल्दी हो जाते है। स्वाइन फ्लू भी बच्चों को इसी तरह से अपनी गिरफत में लेता हैं। लेकिन शिुश रोग विशेषज्ञों का कहना है कि अगर शिशु और बच्चों को स्वाइन फ्लू हो भी जाए तो डरने की जरूरत नहीं है। क्योंकि समय पर उपचार लेने पर शिशु और बच्चे पूरी तरह से ठीक हो रहे है।
Published on:
25 Jan 2018 12:06 pm
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