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ताला-चाबी गिरोह का पर्दाफाश, सरगना सहित चार गिरफ्तार, ऐसे देते थे वारदात को अंजाम

ढाई महीने तक कई राज्यों के चक्कर लगाने के बाद आखिरकार ताला-चाबी गैंग के शातिर बदमाश चित्रकूट थाना पुलिस के हत्थे चढ़ ही गए।

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जयपुर। ढाई महीने तक कई राज्यों के चक्कर लगाने के बाद आखिरकार ताला-चाबी गैंग के शातिर बदमाश चित्रकूट थाना पुलिस के हत्थे चढ़ ही गए।

पुलिस ने गैंग के सरगना सहित चार जनों को गिरफ्तार किया है। पुलिस उपायुक्त पश्चिम अशोक कुमार गुप्ता ने बताया कि मध्यप्रदेश के खरगौन निवासी नानक सिंह (26), धार निवासी राहुल बरनाला (21), दीपक भाटिया (20) और बडवानी निवासी शेर सिंह (23) को गिरफ्तार किया है।

अक्टूबर से पीछे लगी थी पुलिस
चित्रकूट थानाधिकारी जहीर अब्बास ने बताया कि राजधानी में गत अक्टूबर में एक के बाद एक कई वारदात हुई थी। इनमें ताला-चाबी बनाने के नाम पर घर में घुसे बदमाश झांसा देकर जेवर व नकदी चुराकर ले गए थे। चित्रकूट थाना इलाके के सेक्टर 10 में वारदात के दौरान पीडि़ता राजबाला ने एक आरोपी की फोटो खींच ली थी। उसी के आधार पर पुलिस ने आरोपियों का पीछा शुरू किया और मध्यप्रदेश, उत्तरप्रदेश, दिल्ली के कई स्थानों पर दबिश दी, लेकिन कुछ पता नहीं चला। हाल ही में सूचना मिली कि आरोपी शालीमार बाग के आस-पास हैं, तभी पुलिस ने उन्हें दबोच लिया।

पांच वारदात का चला पता
प्रारंभिक पूछताछ में आरोपियों ने चित्रकूट, झोटवाड़ा व महेश नगर इलाके में वारदात करना स्वीकार किया है। करीब पांच महीने पहले चंडीगढ़ और हाल ही में गाजियाबाद में भी वारदात की।

एक चोरी करता, दूसरा बातों में उलझाता
गिरोह के लोग ट्रेन व बस से जयपुर आते और आस-पास के किसी होटल में ठहरते। कभी एक साथ तो कभी दो-दो की टीम बनाकर पॉश इलाकों में चाबी बनाने के लिए फेरी लगाते। लोग जब इन्हें घर पर बुला लेते तो एक आरोपी घरवालों को बातों में लगा लेता और दूसरा ज्वैलरी व नकदी पर हाथ साफ कर देता था। चोरी के बाद यह नकदी तो आपस में बांट लेते थे और ज्वैलरी को खरगौन व मनावर शहर के बाजार में बेच देते थे।

आपस में हैं रिश्तेदार
नानक गिरोह का सरगना है। दीपक व नानक चचेरे भाई तो शेर सिंह राहुल की बुआ का बेटा तो नानक मामा का लड़का है। इन्हें जब पता चला कि पुलिस पीछे लगी हुई है तो कई शहरों में घूमते रहे और फिर बचने के लिए एक ही जगह पर साथ आ गए।