22 जनवरी 2026,

गुरुवार

Patrika LogoSwitch to English
icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

प्लास से निकाले दांत, प्राइवेट पार्ट भी कुचला, राजस्थान निवासी आईपीएस की करतूत

राजस्थान के मूल निवासी आईपीएस बलवीर सिंह पर तमिलनाडु सरकार ने दी मुकदमा चलाने की अनुमति, तिरुनेलवेली हिरासत में यातना मामला, दस लोगों ने लगाया था हिरासत में प्लास से दांत तोड़ने का आरोप, दो लोगों के प्राइवेट पार्ट को भी था कुचला

less than 1 minute read
Google source verification
ips balveer singh

प्लास से निकाले दांत, प्राइवेट पार्ट भी कुचला, राजस्थान निवासी आईपीएस की करतूत

तमिलनाडु सरकार ने आधिकारिक तौर पर निलंबित आईपीएस अधिकारी बलवीर सिंह के खिलाफ मुकदमा चलाने की मंजूरी दे दी है। तिरुनेलवेली जिले में 10 लोगों ने 27 मार्च को दस लोगों ने यह आरोप लगाया था कि सहायक पुलिस अधीक्षक बलवीर सिंह (अम्बासमुद्रम पुलिस सब-डिवीजन) ने प्लास का इस्तेमाल कर उनके दांत निकालकर यातना दी और दो लोगों के अंडकोष को कुचल दिया। ऐसी संभावना जताई जा रही है कि सीबी-सीआइडी जल्द ही आरोप पत्र दाखिल कर देगी।

सीबी-सीआइडी के अनुसार, बलवीर सिंह अपने एक करीबी रिश्तेदार से काफी प्रेरित था। वह रिश्तेदार देश के दूसरे राज्य में बतौर पुलिस अधिकारी काम कर चुका था और प्लास का उपयोग कर आरोपियों के दांत जबरन उखाड़ देता था। इस मामले में चार मुकदमे दर्ज कर विवेचना पूरी करने के बाद सीबी-सीआइडी पुलिस ने आरोप पत्र दाखिल नहीं किया। सीबी सीआईडी पुलिस ने तमिलनाडु सरकार और यूपीएससी से जांच करने की अनुमति मांगी। ऐसे में तमिलनाडु सरकार ने सीबी-सीआईडी पुलिस को बलवीर सिंह के खिलाफ केस दर्ज करने और आरोप पत्र दाखिल करने की इजाजत दे दी है।

राजस्थान के मूल निवासी
राजस्थान के मूल निवासी 2020 बैच के आईपीएस अधिकारी बलवीर सिंह (39) पर अलग-अलग मामलों के संबंध में पूछताछ के दौरान हिरासत में लिए गए लोगों को प्रताडि़त करने का आरोप लगाया गया था। अन्य पुलिसकर्मियों पर हिरासत में लिए गए लोगों को यातना देने में सहायता करने का आरोप लगाया गया। हिरासत में यातना का मामला सामने आने के बाद सिंह को निलंबित कर दिया गया और सीबी- सीआईडी जांच का आदेश दिया गया।