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तकनीक के इस्तेमाल से बेहतर हो सकता है स्मार्ट सिटी का काम

स्मार्ट सिटी को लेकर जहां उदयपुरवासी अपने सुझाव देने में दूसरे शहरों की तुलना में आगे हैं, वहीं यहां के इण्डस्ट्रीज भी इस काम में आगे आ रही हैं। गृहमंत्री गुलाबचंद कटारिया ने सिक्योर मीटर इंण्डस्ट्री के हैड ऑफिस में कम्पनी और प्रशासनिक अधिकारियों ंके साथ बैठक की जिसमें सिक्योर मीटर की ओर से प्रजेंटेशन दिया गया कि वह किस तरह से स्मार्ट सिटी में अपना रोल प्ले कर सकते हैं।

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jitendra saran

Nov 14, 2015

स्मार्ट सिटी को लेकर जहां उदयपुरवासी अपने सुझाव देने में दूसरे शहरों की तुलना में आगे हैं, वहीं यहां के इण्डस्ट्रीज भी इस काम में आगे आ रही हैं। गृहमंत्री गुलाबचंद कटारिया ने सिक्योर मीटर इंण्डस्ट्री के हैड ऑफिस में कम्पनी और प्रशासनिक अधिकारियों ंके साथ बैठक की जिसमें सिक्योर मीटर की ओर से प्रजेंटेशन दिया गया कि वह किस तरह से स्मार्ट सिटी में अपना रोल प्ले कर सकते हैं।
उदयपुर को स्मार्ट सिटी बनाने के लिए जनता की नजर मे पर्यटन, बिजली, पानी, चिकित्सा और रोड़ नेटवर्क पहली फेहरिस्त में हैं। ऐसे में केबल लैस शहर, स्मार्ट मीटर, ड्रेनेज सिस्टम, एसटीपी प्लांट आयड़ विकास जैसे कई काम है जिनमें सुधार करना है। स्मार्ट सिटी बनाने के लिए जनप्रतिनिधियों के साथ साथ जनता और प्रशासन का जितनी भागीदारी है उतनी भागीदारी इंडस्ट्रीज की भी है। इस भागीदारी को बढ़ाने के लिए सिक्योर मीटर की ओर से प्रशासनिक और गृहमंत्री गुलाबचंद कटारिया के साथ बैठक रखी गई। प्रतापनगर स्थित सिक्योर मीटर के हैड ऑफिस में हुई इस बैठक में कम्पनी द्वारा प्रशासनिक अधिकारियों और गृहमंत्री कटारिया को बताया गया कि किस तरह से वह स्मार्ट सिटी के कॉन्सेप्ट में अपनी तकनीक का इस्तेमाल कर इस काम को बेहतर कर सकते हैं।







करीब एक घंटे तक कटारिया, महापौर चंद्रसिंह कोठारी, यूआईटी सेक्रेटरी रामनिवास मेहता, निगम आयुक्त हिम्मतसिंह समेत दूसरे अधिकारी और सिक्योर मिटर के प्रबंधन अधिकारी मौजूद थे। कटारिया ने कहा कि इस कम्पनी ने आगे चलकर प्रशासन को कॉल किया है जिसमें कई तरह के विषयों पर चर्चा हुई जिससे बेहतर काम किए जा सकते हैं।