तहसील परिसर में सक्रिय दलालों के खिलाफ कार्रवाई के दौरान एक महिला के पास बड़ी मात्रा में ई-मित्र पर तैयार किए गए जाति व मूल निवास मिलने के बाद मंगलवार को ई-मित्र सोसायटी के उप निदेशक ने शहर के तीन ई-मित्रों के लाइसेंस निलम्बित कर दिए।
उप निदेशक नवीन खण्डेलवाल ने बताया कि महिला के पास मिले अधिकांश प्रमाण पत्र नयाबास स्थित एसएस कम्प्यूटर्स एण्ड साइबर कैफे, स्कीम आठ स्थित ग्लोबल कम्प्यूटर्स तथा कालाकुआं देवयानी हॉस्पिटल के पास स्थित शैलेन्द्र सिंह के कियोस्क के थे। इस पर तीनों ई-मित्र कियोस्क का लाइसेंस निलम्बित कर दिया गया। उन्होंने बताया कि शेष प्रमाणपत्रों की जांच की जा रही है। यह प्रमाणपत्र जिस कियोस्क के मिलेंगे, उनके खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी।
तहसील में लिखवाई सूचना
तहसील में जाति व मूल निवास प्रमाण पत्र बनाने के नाम पर चल रही दलाली के खुलासे के बाद मंगलवार को तहसीलदार अनुराग हरित ने तहसील परिसर में ई-मित्रों पर प्रमाण पत्र बनाने की सूचना लिखवाई।
उन्होंने बताया कि अब तहसील में जाति व मूल निवास बनाने का कार्य बंद कर दिया गया। यह कार्य अब ई-मित्रों पर होगा। उन्होंने बताया कि यदि ई-मित्र संचालक जाति व मूल निवास प्रमाण पत्र बनाने की निर्धारित फीस से अधिक राशि वसूलता या मांगता है, तो इसकी शिकायत तहसील कार्यालय में की जा सकती है।
7 जनों के खिलाफ दर्ज कराया मामला
तहसील परिसर में छापामार कार्रवाई के दौरान सोमवार को फर्जी मुहर व दस्तावेज मिलने के मामले में तहसीलदार अनुराग हरित ने सात जनों के खिलाफ कोतवाली थाने में शिकायत दी। पुलिस ने शिकायत के आधार पर आरोपितों के खिलाफ धोखाधड़ी और फर्जी दस्तावेज तैयार करने आदि धाराओं के तहत मामला दर्ज कर तफ्तीश शुरू कर दी है।
40 से अधिक प्रमाण पत्र मिले
कोतवाली थाना पुलिस ने बताया कि तहसीलदार अनुराग हरित ने दर्ज कराई रिपोर्ट में बताया कि सोमवार को अलवर उपखण्ड अधिकारी डॉ. राजेश गोयल के नेतृत्व में सोमवार को तहसील परिसर में कार्यरत वेण्डर व डीड राइटर के बस्तों की जांच की। जांच के दौरान कोषालय, बिजली निगम, व्याख्याता व नोटेरी आदि की मुहरों सहित करीब 40 तैयार प्रमाण पत्र सहित अन्य फर्जी दस्तावेज मिले। इस पर उन्होंने बबीता मेहरा, जयप्रकाश मेहरा, रामहरि यादव, दीपक भार्गव, दिलीप कुमार, मीना देवी व पदम गोपालिया के खिलाफ मामला दर्ज कराया है।