3 नवंबर 2026,

मंगलवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

शिल्प गुरूओं से सीखी कला की बारीकियां

सीखी हुई कलाओं को अगली पीढ़ी तक पहुंचाने का दिलाया प्रण, कहा कलाएं विदेशों में हमारी संस्कृति और विरासत की ब्रांड एम्बैसेडर के जैसी हैं
2 min read
Follow Patrika on Google News
Google source verification

जयपुर

•

image

Priyanka Yadav

•

Updated: 21 Apr 2018, 4:48 PM IST

art work jaipur

जयपुर . गुलाबी नगरी को कला-कृति के लिए देश के सबसे प्रसिद्व शहरों में से एक माना जाता है और इसकी संस्कृति, विरासत, कला और शिल्प के समृद्ध इतिहास के चाहने वालों को यही बात यहां खींच लाती है। यहां के कला गुरूओं से उनकी कला की बारीकियों को सीखने के सीतापुरा स्थित आयोजन स्कूल ऑफ आर्टस के ५० विधार्थियो के दल ने बीते १४ अप्रेल से १८ अप्रेल तक चौकड़ी मोदीखाना में शिल्प गुरूओं से कई कलाओं को सीखकर अपने कला ज्ञान को बढ़ाया और इसे आगे अन्य लोगों तक पहुंचाने का प्रण भी लिया।

कृति मंच ने इस कार्यक्रम का आयोजन किया था। श्री दिगंबर जैन मंदिर संघी जी में आयोजन स्कूल ऑफ आर्टस के विधाॢथयों ने सुबह विभिन्न शिल्पकारों के सान्निध्य में अपनी क्रिएटिविटी का प्रर्दशन किया। शाम को यहां पर मास्टर शिल्पकारों के साथ क्रिएटिव सिटी ऑफ़ क्रॉफ्ट्स एंड फोक आट्र्स विषय पर पैनल चर्चा की गईं। पूजा अग्रवाल ने इसका संचालन किया। कला और शिल्प के माध्यम से जैपर की पहचान पर आयोजन स्कूल ऑफ आर्किटेक्चर के प्रोफेसर एन एस राठौड़ ने चर्चा की। कला और कलाओं को सांस्कृतिक विरासत पर इतिहासकार और पुरातत्त्वविद डॉ रिमा हूजा ने बातचित की। स्थानिए निवासी विपिन कुमार बज ने यहां के शिल्प पर प्रकाश डाला।

5 दिन चला कार्यक्रम

यहां पर इस कार्यशाला को रखने का मकसद यह था कि चौकड़ी मोदी खाना में कई प्रकार की कलाओं को आज भी किया जाता है। और यहां पर रहने वाले अपने हस्तशिल्प को आज भी पहचान दिला रहे हैं। साथ ही कुछ साल पहले यहां पर हैरीटेज वॉक वे भी बनाया गया था।

शिल्प गुरूओं के पास रहकर सीखी कलाएं

आयोजन स्कूल ऑफ आर्टस के विधार्थियो ने चौकड़ी मोदीखाना में गोल्ड मेडलिस्ट व नेशनल अवॉर्डी शिल्प गुरूओं के पास रहकर उनकी परं परागत कलओं को बारीकी से सीखकर अपने कलात्मक ज्ञान में वृद्धि की। मनिहारी कला को आवाज मोह मद, पीतल के बर्तन बनाने की कला कुलदीप पटेल, मीनाकारी का ज्ञान सरदार इंदर सिंह कुदरत, ब्लू पॉट्री बनाने की कला गोपाल सैनी और टाई एण्ड डाई वर्क हाजी बादशाह मिंया जैसे इन शिल्प गुरूओं ने अपने इन शिष्यों को सिखाया।

बड़ी खबरें

View All

जयपुर

राजस्थान न्यूज़