
मुख्य सचिव राजीव स्वरूप
जयपुर। मुख्य सचिव राजीव स्वरूप की अध्यक्षता में प्रदेश के गैर बैकिंग वित्तीय कंपनियों (एनबीएफसी) और असंगठित निकायों (यूआईबी) से सम्बन्धित राज्य स्तरीय समन्वय समिति की बैठक आयोजित की गई। इसमें बैंकिंग ऑफ अनरेगुलेटेड डिपोजिट स्कीम एक्ट, 2019 को ही प्रदेश में लागू रखने के निर्देश दिए गए।
मुख्य सचिव राजीव स्वरूप ने गत वर्ष 21 अगस्त एवं 19 सितम्बर को हुई बैठकों के प्रमुख बिन्दुओं एवं प्रगति की समीक्षा करते हुए उप समिति की पिछली बैठकों में की गई पहल के चलते जागरूकता, खुफिया जानकारी, शिकायतों और अनुपालना आदि से संबंधित स्थितियों के मुद्दों पर भी चर्चा की। बैठक में बताया गया कि रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया की जयपुर शाखा ने 3 नई गैर बैंकिंग वित्तीय कंपनियों को पंजीकरण प्रमाण पत्र दिया है। वित्तीय स्थिरता एवं विकास परिषद (एफएसडीसी) की उप समिति की गत 31 अगस्त को हुई 25वीं बैठक में वैश्विक और घरेलू अर्थव्यवस्था एवं वित्तीय बाजार में हुए प्रमुख विकास की समीक्षा की गई। अंतर नियामक समन्वय से संबंधित मुद्दों पर चर्चा के साथ ही एनसीएफई, एफएसडीसी-एससी के अंतर्गत आने वाले विभिन्न तकनीकी संगठनों और विभिन्न राज्यों एवं केन्द्र शासित प्रदेशों में राज्य स्तरीय समन्वय समिति की गतिविधियों की समीक्षा भी की गई।
बैठक में रिजर्व बैंक ऑॅफ इंडिया के क्षेत्रीय निदेशक ने बताया कि अगस्त माह तक पोर्टल पर कुल 170 शिकायत दर्ज हुई उन्होंने आरसीएस को क्रेडिट को-ऑपरेटिव सोसाइटियों से संबंधित शिकायतों पर की जाने वाली कार्रवाई की सूचना देने को भी कहा।
इस अवसर पर बैंकिंग ऑफ अनरेगुलेटेड डिपोजिट स्कीम एक्ट, 2019 को ही प्रदेश में लागू रखने के निर्देश दिए गए। बैठक में कोविड-19 महामारी से जागरूकता से संबंधित सुझाव भी सदस्यों से मांगे गये। गृह विभाग के प्रमुख शासन सचिव अभय कुमार सहित राजस्थान पुलिस एवं वित्तीय संस्थानों के शीर्ष अधिकारी वीडियो क्रॉन्फ्रेंसिंग द्वारा बैठक में उपस्थित थे।
Published on:
14 Sept 2020 08:32 pm
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