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295 करोड़ की एलिवेटेड रोड की खूबसूरती को लगा ग्रहण, फिर भी आंखे मूंद कर बैठी है जेडीए और सरकार!

सफाई व्यवस्था चौपट, टूटे संकेतक, दीवारों पर उगे झाड़-झंखाड़ और जेडीए की लापरवाही ने 295 करोड़ की एलिवेटेड रोड की खूबसूरती को ग्रहण लगा दिया है।

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जयपुर

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Rajesh

Jan 17, 2018

The beauty of Elevated road destroyed due to Government carelessness Smart City

जयपुर। ट्रैफिक जाम से निजात दिलाने के उद्देश्य से बनाई गई एलिवेटेड रोड अब प्रशासनिक उपेक्षा का शिकार हो रही है। रख-रखाव के अभाव में इस एलिवेटेड रोड की खूबसूरती को ग्रहण लग रहा है। चौपट सफाई व्यवस्था, टूटे संकेतक और सड़क की दीवारों में उगे झाड़-झंखाड़ विश्व प्रसिद्ध इस एलिवेटेड रोड की पहचान बन रहे हैं। करीब 295 करोड़ रुपए की लागत से बनी इस एलिवेटेड रोड की हालत दिन-ब-दिन खस्ता हो रही है। देशी-विदेशी पर्यटकों के लिए मॉडल सड़क के रूप में पहचान बना चुकी एलिवेटेड रोड अब भावी स्मार्टसिटी के लिए धब्बा बन गई है। इस एलिवेटेड रोड पर यदि खामियों की गिनती करें तो असंख्य हैं। इन खामियों को दुरुस्त कराने के लिए स्थानीय समाजसेवी, पुलिस और जनप्रतिनिधि भी जेडीए और सरकार को गुहार लगा चुके हैं मगर जेडीए प्रशासन आंखें मूंदे हुए है।

महीनों से नहीं हुई सफाई, लगे पड़े हैं कचरे ढेर -

एलिवेटेड रोड पर गंदगी की इस कद्र भरमार हो चुकी है कि कूड़े-करकट के ढेर अब सड़ांध मार रहे हैं। सड़क किनारे पड़ा कचरा और मिट्टी वाहनों की तेज गति के कारण धूल के गुब्बार में बदल जाता है। वाहनों से उड़ती धूल बाइक सवारों के लिए हादसों का कारण बन रही है। यहीं नहीं कचरे के ढेर इस कद्र लगे हुए हैं कि उनसे ट्रैफिक जाम की स्थिति बन जाती है।

संकेतक टूटे, रोड लाइटें खराब -

एलिवेटेड रोड पर दिशा-सूचक संकेतक टूटे पड़े हैं। अधिकतर रोड लाइटें बंद पड़ी है। सड़क पर अंधेरा पसरा रहने से देर रात को बाइक सवार आने-जाने से कतराते हैं। अंधेरा का ही फायदा उठाकर समाजकंटक सड़क पर ही वाहन पार्क कर शराब पीते हैं और वहीं पर बोतलें फेंक देते हैं। रोड लाइटों को दुरुस्त कराने व नियमित गश्त की मांग को लेकर स्थानीय व्यापार मंडल व आमजन ने कई बार जेडीए और पुलिस के उच्चाधिकारियों को पत्र लिखे हैं, लेकिन कोई समाधान नहीं हुआ है।

धुंधले पड़े रिफ्लेक्टर, दीवारों पर उगे झाड़-झंकाड़ -

तेज गति से चलने वाले वाहनों को दिशा का बोध करवाने वाले दीवारों पर लगे रिफ्लेक्टर भी कहीं उखड़ गए और कहीं धुंधले पड़ गए हैं। वाहनों के धुएं से धुंधले पड़े इन रिफ्लेक्टर को भी आज तक साफ नहीं किया गया है, वहीं सड़क की दीवारों का रंग भी फीका पड़ गया है। काला और सफेद रंग धुंए व बारिश के कारण खराब हो गया है। एलिवेटेड रोड के बीच खूबसूरती के लिए लगाए गए फूलदार पौधों की खूबसूरती फीकी पड़ गई है। इनकी नियमित देखभाल नहीं होने से धूल-मिट्टी से अटे पड़े हैं। कई जगहों पर पिल्लर के बीच में झाड़-झंकाड़ निकल चुके हैं।

सड़क भी होने लगी क्षतिग्रस्त -

एलिवेटेड रोड पर अनेकों खामियों के साथ-साथ सड़क क्षतिग्रस्त भी होने लगी है। जगह-जगह सड़क टूट चुकी हैं। पेचवर्क के अभाव में वाहन जब क्षतिग्रस्त हिस्से से गुजरते हैं तो कंपन सा महसूस होता है। कई बार दोपहिया वाहनों पर रखा सामान बिखर जाता है।

शिकायतों का नहीं होता असर -

एलिवेटेड रोड की खूबसूरती अब बिगडऩे लगी है। रोड लाइटें खराब पड़ी हैं। संकेतक टूटे हुए हैं। सड़क पर कचरा पसरा पड़ा है। सड़क की नियमित साफ-सफाई के लिए जेडीए व मंत्री को कई बार पत्र लिखे लेकिन कोई समाधान नहीं हुआ है। - देवीलाल वर्मा, शिकायतकर्ता

आंदोलन के लिए लोगों से कर रहे हैं राय -

एलिवेटेड रोड जयपुर का गौरव है। इस एलिवेटेड सड़क से देश-विदेश से आने वाले पर्यटक गुजरते हैं तो इसकी दुर्दशा देखकर स्थानीय प्रशासन को कोसते होंगे। तीन साल में एक बार भी सड़क की मरम्मत का कार्य नहीं हुआ है। अब इसके लिए आंदोलन करने लिए लोगों से राय ली जा रही है। -नरेंद्र मारवाल, अध्यक्ष, नंदपुरी व्यापार मंडल