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Rajasthan Housing Board: जयपुर। राजस्थान हाउसिंग बोर्ड द्वारा आयोजित "प्रीमियम प्रॉपर्टीज़ मई 2025 ई-नीलामी" का आयोजन 26 मई से 28 मई 2025 तक किया जा रहा है। इस तीन दिवसीय ई-नीलामी में कोटा, जयपुर, बीकानेर और जोधपुर सहित राज्य के विभिन्न क्षेत्रों की बड़ी और छोटी वाणिज्यिक प्लॉट्स (Commercial Plots), निर्मित मकान एवं फ्लैट्स को बोली के माध्यम से बेचा जाएगा। नीलामी के लिए आवेदकों में खासा उत्साह देखा जा रहा है।
राजस्थान हाउसिंग बोर्ड ने स्पष्ट किया है कि बोलीदाता को बोली लगाने से पूर्व सभी शर्तों का गहन अध्ययन करना अनिवार्य है। किसी भी प्रकार की गलत बोली को बाद में संशोधित नहीं किया जाएगा, और ऐसी स्थिति में अमानत राशि (EMD) जब्त कर ली जाएगी। भुगतान की शर्तों की भी विशेष रूप से जांच करना जरूरी बताया गया है।
इस बार की ई-नीलामी में सबसे ज्यादा चर्चा कोटा के रंगबाड़ी क्षेत्र की कमर्शियल प्लॉट संख्या 5-C-2 की हो रही है, जिसकी क्षेत्रफल 1178.92 वर्ग मीटर है और न्यूनतम बोली मूल्य ₹80,000 प्रति वर्ग मीटर रखा गया है। इस पर 18.86 लाख रुपये की अमानत राशि निर्धारित की गई है।
वहीं जयपुर के मानसरोवर क्षेत्र में स्थित विशाल व्यावसायिक भूखंडों की कीमतें ₹1.80 लाख से लेकर ₹2.16 लाख प्रति वर्ग मीटर तक तय की गई हैं। सबसे बड़ा भूखंड मानसरोवर के सेक्टर VI में स्थित है, जिसकी कुल क्षेत्रफल 6282.01 वर्ग मीटर है और ईएमडी राशि ₹2.71 करोड़ से अधिक है।
बीकानेर जिले के हनुमानगढ़ क्षेत्र की "नई आरएचबी कॉलोनी (DTO के पास)" से सर्वाधिक संख्या में व्यावसायिक प्लॉट नीलामी में शामिल किए गए हैं। यहाँ एससी, एसटी और सामान्य वर्ग के लिए आरक्षित प्लॉट्स की अलग-अलग श्रेणियाँ बनाई गई हैं। इनकी कीमतें ₹48,500 से ₹51,000 प्रति वर्ग मीटर के बीच तय की गई हैं।
यहाँ 30 वर्ग मीटर से लेकर 90 वर्ग मीटर तक के अनेक प्लॉट उपलब्ध हैं, जिनमें से कई कोने वाले हैं (Corner Plot), जो निवेश की दृष्टि से अधिक लाभकारी माने जाते हैं। छोटे प्लॉट्स के लिए अमानत राशि मात्र ₹15,000 से ₹30,000 के बीच रखी गई है, जिससे मध्यम वर्गीय व्यापारी भी भाग ले सकते हैं।
जयपुर की इंदिरा गांधी नगर योजना में निर्मित 2 बीएचके मकानों की नीलामी भी की जा रही है। यहाँ प्रति मकान न्यूनतम बोली ₹80 लाख तय की गई है। प्रत्येक मकान का क्षेत्रफल 128.92 वर्ग मीटर है और इसके लिए ₹1.60 लाख की ईएमडी तय की गई है।
प्रत्येक संपत्ति के साथ उसका गूगल लोकेशन, लेआउट प्लान, और RERA नंबर भी उपलब्ध कराया गया है, जिससे बोलीदाता को अधिकतम पारदर्शिता मिल सके। कई परियोजनाएँ RERA से पंजीकृत हैं तो कुछ को छूट प्राप्त है।
Updated on:
23 May 2025 12:26 pm
Published on:
23 May 2025 12:16 pm
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