राज्य के पाठ्यक्रमों में वीर-वीरांगनाओं के पाठ जोड़े जाएंगे। ताकि बच्चे हमारी संस्कृति और संस्कार को जान सकें। राज्य में 61 हजार नए अध्यापकों की नियुक्ति तथा दिसंबर में ही 75 प्रतिशत से अधिक अंक लाने वाले विद्यार्थियों को लैपटॉप वितरण भी किया जाएगा। यह बात राज्य शिक्षामंत्री वासुदेव देवनानी ने रविवार को जोधपुर जिले के इन्द्रोका में गुमान राजकीय माध्यमिक विद्यालय के शताब्दी वर्ष समारोह में बतौर मुख्य अतिथि कही।
उन्होंने कहा कि भारतीय संस्कृति महान व पूजनीय है और उससे निरंतर छात्र-छात्राओं के जुड़ाव के लिए देश व वीर-वीरांगनाओं के पाठ जोडऩे जा रहे हैं। इससे हमारे विद्यार्थी गर्व की अनुभूति कर सकेंगे। उन्होंने बताया कि एक ही वर्ष में एक साथ 5 हजार विद्यालयों को क्रमोन्नत किया गया।
बालिका शिक्षा समाज में जरूरी है और हम भी प्रोत्साहन देने की योजनाओं के तहत 75 प्रतिशत अंक वाली बालिकाओं को गार्गी पुरस्कार देते हैं। उन्होंने पूर्व मरहूम राष्ट्रपति एपीजे अब्दुल कलाम के वाक्य को उद्घृत किया कि सपनों का पीछा करते रहो और तीन पी को अपनाओ। पहला पी परफेक्शनिस्ट, दूसरा पी पोलाईटनेस और तीसरा पी पेशेन्स है।
आईटी का मतलब इनफार्मेशन टेक्नोलोजी है,मगर इसके उलट हमें टी आई यानि थिंक इंडिया सोचना है। भारतीय संस्कृति और देश के बारे में सोचते रहना है। विद्यालय की शताब्दी वर्ष के संबंध में घोषणा की इस बार इस विद्यालय को माध्यमिक से उच्च माध्यमिक विद्यालय में क्रमोन्नत कर दिया जाएगा। यह विद्यालय ऐतिहासिक है और यहां भारतीय संस्कृति के अनुरूप वातावरण व शिक्षा के प्रति समर्पण का भाव विकसित हुआ है।
इस अवसर पर कक्षा नवमी की 9 छात्राओं को 9 साईकिलें वितरित की गई। राज्यसभा सांसद नारायण पंचारिया ने इन्द्रोका विद्यालय को सांसद कोष से कंप्यूटर प्रदान व विधायक जोगाराम पटेल ने विद्यालय विकास कार्यों के लिए विद्यालय कोष से 10 लाख रूपए देने की घोषणा की। सांसद गजेन्द्रसिंह शेखावत व विधायक बाबूसिंह राठौड़ ने विद्यालय के इतिहास पर प्रकाश डाला।
विशिष्ट अतिथि करणसिंह उचियारड़ा ने भी विचार व्यक्त किए। आरंभ में खुमानसिंह ने अतिथियों का स्वागत किया। बालिकाओं ने सांस्कृतिक कार्यक्रम व छात्रों ने मलखंभ की प्रभावी प्रस्तुति दी।