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जयपुर में अस्पतालों के बिगड़ने लगे हालात, अब उल्टी—दस्त के बढ़े मरीज, हिट स्ट्रोक के सबसे ज्यादा आ रहे केस

जयपुर सहित सभी जिलों में अस्पतालों में हालात बिगड़ने लगे है।

जयपुरMay 31, 2024 / 12:09 pm

Manish Chaturvedi

जयपुर। प्रदेश में गर्मी का आलम यह है कि तापमान 50 डिग्री सेल्सियस से ज्यादा हो चुका है। राजधानी जयपुर सहित सभी जिलों में अस्पतालों में हालात बिगड़ने लगे है। अस्पतालों में पहले हिट स्ट्रोक के मरीज सबसे ज्यादा आ रहे थे। लेकिन अब अस्पतालों में उल्टी—दस्त के मरीजों की संख्या भी बढ़ने लगी है। यहां तक की अस्पतालों में भी मरीजों को आराम नहीं है। गर्मी के कारण मरीज और डॉक्टर्स दोनों परेशान हो रहे है।
प्रदेश के सबसे बड़े एसएमएस अस्पताल में अब उल्टी—दस्त के मरीजों की संख्या बढ़ गई है। हर दिन 45 डिग्री के पार जा रहा अधिकतम तापमान अब बच्चों समेत युवा और बुजुर्गों को भी बीमार बना रहा है। ओपीडी में पहुंच रहे मरीजाें में से 35 फीसदी में डायरिया के लक्षण मिल रहे हैं। चिकित्सकों के मुताबिक माहभर पहले की तुलना में अब डायरिया 30 फीसदी से ज्यादा मरीज बढ़ गए हैं।
डॉक्टरों के मुताबिक गर्मियों में स्वच्छता और खानपान का ध्यान रखने के साथ ही तेज धूप से बचाव बेहद जरूरी है। इनकी अनदेखी सेहत पर भारी पड़ रही है। नतीजा लोग डायरिया समेत अन्य बैक्टीरिया जनित रोगों की चपेट में आ रहे हैं। एसएमएस अस्पताल में मरीज उल्टी, दस्त, मितली, कच्ची डकार, सीने में दर्द, पेट फूलना, बेचैनी जैसी शिकायतें लेकर पहुंच रहे है। बता दें कि दूषित भोजन, पानी के सेवन से तकलीफ होती है। वहीं, कई क्रोनिक डायरिया की चपेट में भी मिल रहे हैं। डॉक्टर्स का कहना है कि अगर दस्त हो रहे हैं तो दूध, पनीर, आइसक्रीम और मसालेदार भोजन नहीं करना चाहिए। इससे पाचन क्रिया प्रभावित होती है। तकलीफ बढ़ सकती है।
नेत्र रोग की ओपीडी में भी बढ़ रहे मरीज..

अस्पताल में नेत्र रोग की ओपीडी में अब मरीजों की तादाद 25 फीसदी बढ़ गई है। आंखों में जलन, लालिमा, पानी आना, सूखापन, खुजली, सूजन की शिकायत लेकर मरीज पहुंच रहे हैं।
ब्रेन स्ट्रोक वार्ड में भी जगह नहीं..

एसएमएस अस्पताल में इस समय ब्रेन स्ट्रोक के मरीजों की संख्या काफी ज्यादा आ रही है। डॉक्टर्स की मानें तो ब्लड प्रेशर और डायबिटीज के मरीजों में ब्रेन स्ट्रोक के मामले सबसे ज्यादा सामने आते हैं। इसका बड़ा कारण तेज गर्मी और अचानक से बदलता टेंपरेचर है। हर दिन दस से ज्यादा मरीज स्ट्रोक के आ रहे है। जिसकी वजह से वार्ड फुल हो गए है। जैसे जैसे गर्मी बढ़ी वैसे वैसे स्ट्रोक के मामले बढ़ते चले गए। पिछले महीने की तुलना में सवाई मानसिंह अस्पताल में ब्रेन स्ट्रोक के केस 30 फीसदी तक बढ़े हैं। लगातार भर्ती हो रहे मरीजों के कारण ब्रेन स्ट्रोक आइसीयू के बेड भी फुल हो गए हैं।
हिट स्ट्रोक वार्ड भी फुल…

राजधानी जयपुर में एसएमएस, जयपुरिया, कांवटिया सहित सभी अस्पतालों में हिट स्ट्रोक वार्ड में बैड फुल है। यहां पर लगातार मरीज आ रहे है। ऐसे में जिन्हें थोड़ा बहुत आराम मिलता है। उन मरीजों को दवाई देकर डिस्चार्ज किया जा रहा है और दूसरे मरीजों को भर्ती किया जा रहा है। शरीर का तापमान 40 डिग्री सेल्सियस से ज्यादा होते ही ओवरहीटिंग हो जाता है। बीपी लो हो जाता है। इसके बाद मरीज को चक्कर आने लगते है। डॉक्टरों की ओर से अस्पतालों में पानी डालकर और आईस प्लेट लगाकर मरीजों को राहत देने की कोशिश की जाती है।

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