11 जनवरी 2026,

रविवार

Patrika LogoSwitch to English
home_icon

होम

video_icon

शॉर्ट्स

catch_icon

प्लस

epaper_icon

ई-पेपर

profile_icon

प्रोफाइल

राज्य की मण्डियों की स्थिति गम्भीर, मण्डी सेस हटाए सरकार

राजस्थान खाद्य पदार्थ व्यापार संघ ( Rajasthan Foods Trade Association ) की कोर कमेटी की हाल ही में बैठक संपन्न हुई। बैठक में निर्णय लिया गया कि केन्द्रीय कृषि मंत्री ( Union Agriculture Minister ) तथा प्रधानमंत्री को पत्र लिखकर पुन: निवेदन किया जाए कि मण्डियों ( mandis ) की स्थिति बहुत गम्भीर होती जा रही है, सरकार जल्द ही मंडियों की समस्याओं का निराकरण करना होगा।

less than 1 minute read
Google source verification
राज्य की मण्डियों की स्थिति गम्भीर, मण्डी सेस हटाए सरकार

राज्य की मण्डियों की स्थिति गम्भीर, मण्डी सेस हटाए सरकार

जयपुर। राजस्थान खाद्य पदार्थ व्यापार संघ की कोर कमेटी की हाल ही में बैठक संपन्न हुई। बैठक में निर्णय लिया गया कि केन्द्रीय कृषि मंत्री तथा प्रधानमंत्री को पत्र लिखकर पुन: निवेदन किया जाए कि मण्डियों की स्थिति बहुत गम्भीर होती जा रही है, सरकार जल्द ही मंडियों की समस्याओं का निराकरण करना होगा।
राजस्थान खाद्य पदार्थ व्यापार संघ के चेयरमेन बाबूलाल गुप्ता ने बताया कि बैठक में राज्य के मुख्यमंत्री को मध्यप्रदेश, हरियाणा, कर्नाटक, उत्तरप्रदेश, उत्तराखण्ड व महाराष्ट्र की तरह मण्डी सेस को कम करने के लिए निवेदन किया जाएगा। यह भी तय किया गया कि राज्य सरकार पर दबाव बनाने के लिए आंदोलन की रूपरेखा तय की जाए। गुप्ता ने बताया कि मण्डी फीस कम होना अत्यंत आवश्यक है तथा कृषक कल्याण फीस समाप्त होना आवश्यक है। तभी मण्डियों का अस्तित्व बच सकेगा। किसान अपनी कृषि जिंस एमएसपी पर तुलने का इंतजार कर रहा है।
ये हैं मांगे
मण्डी शुल्क, विकास शुल्क, कृषक कल्याण फी, सरचार्ज के अनुसार ही मण्डी क्षेत्र के बाहर काम करने वाले व्यापारी को भी उसी अनुरूप मण्डी शुल्क, विकास शुल्क, कृषक कल्याण फीस, सरचार्ज देय होना चाहिए।
मण्डी क्षेत्र के बाहर काम करने वाले व्यापारी को भी अनुज्ञापत्र अनिवार्य किया जाए।
मण्डी फीस, विकास शुल्क, कृषक कल्याण फीस, सरचार्ज 0.50 प्रतिशत होना चाहिए।
समर्थन मूल्य पर सरकार द्वारा खरीद की जाने वाली कृषि जिंस मण्डी के आढ़तिया/व्यापारी के माध्यम से खरीद की जाए
और उन्हें नियमानुसार
आढत दी जावें।