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कांग्रेस प्रत्याशी के पास सहानुभूति तो भाजपा प्रत्याशी मंत्री बनने से दोनों ही मजबूत स्थिति में

जिसकी सरकार, उसका ही बनता है विधायक

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जयपुर

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Rajesh Dixit

Jan 02, 2024

कांग्रेस प्रत्याशी के पास सहानुभूति तो भाजपा प्रत्याशी मंत्री बनने से दोनों ही मजबूत स्थिति में

कांग्रेस प्रत्याशी के पास सहानुभूति तो भाजपा प्रत्याशी मंत्री बनने से दोनों ही मजबूत स्थिति में

जयपुर। राजस्थान में इस समय एक सीट पर उपचुनाव हो रहा है। श्रीगंगानगर जिले में श्रीकरणपुर सीट पर पांच जनवरी को उपचुनाव होगा। यहां नामांकन दाखिल करने के बाद कांग्रेस प्रत्याशी की मौत हो गई थी। इस कारण इस सीट पर चुनाव स्थगित हो गया है। राजस्थान में पिछले दो चुनावों में भी 199 सीटों पर ही चुनाव हुए हैं। चुनाव के तुरंत बाद हुए उपचुनावों की परम्परा देखें तो जिस एक सीट पर उपचुनाव हुए हैं, वहां से उसी पार्टी का प्रत्याशी जीता है, जिस पार्टी की राज्य में सरकार बनी है।

चुनाव बाद तुरंत हुए दो उपचुनावों की स्थिति

वर्ष 2018: गहलोत बने सीएम, कांग्रेस प्रत्याशी जीता

-अलवर जिले में रामगढ़ विधानसभा सीट पर बसपा प्रत्याशी की मौत के चलते चुनाव स्थगित हुआ था। इसके बाद इस वर्ष कांग्रेस के सरकार बनी और अशोक गहलोत सीएम बने। यहां हुए उपचुनाव में कांग्रेस की साफिया खान जीती थी।

वर्ष 2013: वसुन्धरा सरकार बनी,भाजपा प्रत्याशी जीता

इस वर्ष चुरू विधानसभा सीट पर बसपा प्रत्याशी की मौत के चलते चुनाव स्थगित हुआ। भाजपा की सरकार बनी। वसुन्धरा राजे सीएम बनी। सरकार बनने के बाद हुए उपचुनाव में भाजपा प्रत्याशी राजेन्द्र राठौड़ विजयी हुए।

वर्ष 2023: क्या सहानुभूति पर भारी रहेगी परम्परा

यहां से भाजपा के सुरेन्द्र पाल सिंह टीटी तो कांग्रेस से रुपिंदर सिंह कुन्नर मैदान में है। कुन्नर के पिता गुरमीतसिंह कुन्नर पहले चुनाव मैदान में थे। इनकी मौत के कारण ही चुनाव स्थगित हुआ था।

कुन्नर जहां सहानुभूति के सहारे अपनी जीत की उम्मीद लगाए हुए हैं,वहीं भाजपा ने अपने प्रत्याशी को जीतने से पहले ही मंत्री बनाकर मास्टर स्ट्रोक खेला है। ऐसे में चुनाव परिणाम के बाद देखना यही होगा कि सहानुभूति जीतती है या फिर परम्परा के साथ ही भाजपा प्रत्याशी टीटी का मंत्री बनना कोई फायदा पहुंचाता है।

दोनों पार्टियों ने झोंकी ताकत

श्री करणपुर विधानसभा सीट पर भाजपा व कांग्रेस में सीधा मुकाबला है। यहां कांग्रेस व भाजपा के दिग्गज नेता चुनाव प्रचार में जुटे हैं। हालांकि भाजपा के पास पूर्ण बहुमत है। लेकिन वे इस सीट पर पूरी मेहनत कर रही है।

कांग्रेस के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत व उपमुख्यमंत्री सचिन पायलट के दौरे हो चुके हैं तो भाजपा के नए सीएम भजनलाल के साथ कई मंत्री मैदान में हैं। पार्टी के प्रदेशाध्यक्ष सीपी जोशी का मंगलवार को दौरा है। इधर मंगलवार को ही यहां कांग्रेस के प्रदेशाध्यक्ष गोविन्द्र सिंह डोटासरा का भी दौरा है। ऐसे में इस समय इस सीट पर दोनों पार्टियों के पदाधिकारियों के दौरे से यहां सियासत गर्माई हुई है।


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