
हिंगोनिया गोशाला। फोटो: पत्रिका
Cow Safari In Rajasthan: जयपुर। गोसेवा और संरक्षण का केंद्र रही हिंगोनिया गोशाला जल्द ही एक अनूठे अनुभव का स्थल बनने जा रही है। यहां ‘काउ सफारी’ की शुरुआत की जा रही है, जिसमें देशभर की करीब 17 देसी नस्लों की गायों को एक साथ देखा जा सकेगा। फिलहाल सफारी में राजस्थान और गुजरात की 7 प्रमुख नस्लों, थारपारकर, कांकरेज, सांचोरी, मेवाती, नागौरी, राठी और गिर को शामिल किया गया है। बाद में अन्य राज्यों से भी देसी गायें मंगाई जाएंगी।
गोशाला परिसर में ‘गो परिक्रमा’ की विशेष व्यवस्था की जा रही है, जिसमें युवा पैदल और वरिष्ठ नागरिक बैलगाड़ी में सवार होकर गायों के दर्शन कर सकेंगे। सफारी क्षेत्र को इस तरह डिजाइन किया गया है कि घने हरियाली वाले जंगल में गायें प्राकृतिक रूप से विचरण करती नजर आएंगी। श्रद्धालु इन गायों के निकट जाकर उनकी विविधता को अनुभव कर सकेंगे। ऐसे में गायों की देखभाल के साथ लोग गोसेवा भी कर सकेंगे।
इस प्रोजेक्ट को वर्ष 2022 से योजनाबद्ध तरीके से विकसित किया जा रहा है। पहले चरण में इसे सीमित दायरे में शुरू किया जाएगा, जबकि दूसरे चरण में इसका विस्तार बड़े स्तर पर किया जाएगा।
गायों को संरक्षण देने और लोगों को जागरूक करने के उद्देश्य से यह प्रयास किया जा रहा है। शहरवासी यहां आकर न केवल गाय माता की सेवा कर सकेंगे, बल्कि देशभर की विभिन्न नस्लों की जानकारी भी प्राप्त कर सकेंगे।
-सौम्या गुर्जर, महापौर, ग्रेटर नगर निगम
हमारी योजना है कि यहां 17 प्रकार की देसी गायों को एकत्रित किया जाए। आने वाले भक्तों को प्रसादी भी दी जाएगी और सफारी क्षेत्र में गायों के लिए प्राकृतिक वातावरण उपलब्ध कराया जाएगा।
-रघुपति दास, कार्यक्रम समन्वयक, श्री बलराम सेवा ट्रस्ट
Updated on:
4 Jun 2025, 10:14 AM IST
Published on:
4 Jun 2025, 10:11 AM IST
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