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भामाशाह कार्ड बंद करने का निर्णय सियासी और तुष्टिकरण है

प्रदेश में 31 मार्च के बाद भामाशाह कार्ड बंद कर दिया जाएगा। राज्य कैबीनेट की बैठक में बुधवार को किए गए इस निर्णय को भाजपा ने सियासी और तुष्टिकरण के तहत लिया गया फैसला बताया है।

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The decision to close the Bhamashah card is political and appeasing

जयपुर
प्रदेश में 31 मार्च के बाद भामाशाह कार्ड बंद कर दिया जाएगा। राज्य कैबीनेट की बैठक में बुधवार को किए गए इस निर्णय को भाजपा ने सियासी और तुष्टिकरण के तहत लिया गया फैसला बताया है।
भाजपा प्रदेशाध्यक्ष सतीश पूनिया का आरोप है कि प्रदेश में कांग्रेस की सरकार बनने से लेकर अब तक केवल टाइटल बदलने का काम करती रही है। यह सरकार भाजपा सरकार की पुरानी योजनाओं को रोकने का काम करती रही है। पिछले एक साल में पहले निकाय चुनाव के नाम पर अन्नापूर्णा जैसी योजना में अडंगा लगाया, वहीं भामाशाह जैसी लोकप्रिय योजना पर कांग्रेस की शुरू से ही आंख थी, क्योंकि यह पापूलर योजना है और भाजपा को पंचायत चुनाव में इसका लाभ मिलेगा ऐसी फितरत और सोच कांग्रेस की रही है। इसी के चलते यह फैसला किया गया है।
इस सरकार ने जो भी फैसले किए है और अब कर रही है उनका उद्देश्य केवल सियासी और तुष्टिकरण का है। अब पंचायत चुनाव को देखकर सरकार ने भामाशाह जैसे कार्ड को बंद करने का निर्णय करके अपनी मानसिकता फिर से उजागर कर दी है। बता दें कि राज्य की अशोक गहलोत सरकार भामाशाह कार्ड के स्थान पर राजस्थान जन आधार योजना शुरू करने जा रही है।
नागरिकता संसोधन बिल के विरोध में कांग्रेस के धरने के बारे में भाजपा प्रदेशाध्यक्ष पूनिया ने कहा कि कांग्रेस जिन मुद्दों पर आंदोलन करती है उसे पीछे उसकी तुष्टिकरण की मानसिकता प्रदर्शत करती है। केन्द्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने जिस तरह से लोकसभा में नागरिकता संशोधन विधेयक के बारे में पूरा खुलाया किया है, उसके बाद यह बहस का मुद्दा ही नही है।
ऐसे लोग जो विदेशों में प्रताडित थे, ऐसे लोग जो हिन्दुस्तान में थे लेकिन नागरिकता नहीं थी, उनके लिए यह संशोधन किया गया है। ये धारा 370 हटाने जैसा फैसला है। जिस तरह से कश्मीर में 370 हटाने पर पूरा देश एकजुट हुआ उसी तरह से नागरिकता बिल पर भी देश एकजुट है।
पूनिया ने कांग्रेस सरकार को चेताया कि चाहे वह भामाशाह कार्ड बंद कर दे, अथवा केन्द्र या पूर्ववर्ती भाजपा सरकार की योजनाओं के नाम बदल दें। प्रदेश की जनता अब कांग्रेस का यह षडयंत्र जान चुकी है, इसलिए पंचायत चुनाव में कांग्रेस को ऐसे किसी फैसले का लाभ मिलने वाला नहीं है।