
Rajasthan development: अभूतपूर्व होगी राजस्थान की विकास की कहानी
राजस्थान अभूतपूर्व विकास के सफर पर है और इसकी विकास की कहानी मुख्य रूप से एमएसएमई क्षेत्र द्वारा परिभाषित की जाएगी। राज्य में 90 प्रतिशत उद्योग एमएसएमई क्षेत्र के अंतर्गत आते हैं और ये इकाइयां बहुत अधिक रोजगार उत्पन्न करती है और जीडीपी को बढ़ावा देती हैं। राजस्थान लघु उद्योग निगम के अध्यक्ष राजीव अरोड़ा ने कहा कि अक्टूबर में राज्य में हो रहे इन्वेस्ट राजस्थान समिट को बहुत ही सकारात्मक प्रतिक्रिया मिल रही है। राज्य में निवेश के लिए 10 लाख करोड़ रुपए के एमओयू और एलओआई पर हस्ताक्षर किए गए हैं। बीकानेर में एक नया आईसीडी और उदयपुर में कार्गो कॉम्पलैक्स शरू होने जा रहा है। राजस्थान सरकार के उद्योग की एडिशनल चीफ सेक्रेटरी वीनू गुप्ता ने कहा कि रीको द्वारा विशेष रूप से एमएसएमई के लिए औद्योगिक क्षेत्रों में प्लॉट चिह्नित किए गए हैं। राजस्थान पहला राज्य है, जिसने एमएसएमई को शुरुआती तीन वर्षों के लिए बिना किसी मंजूरी या स्वीकृति के प्रोजेक्ट्स शुरू करने की अनुमति दी है। अब इस अवधि को बढ़ाकर पांच वर्ष किया जा रहा है। भुगतान की सुविधा के लिए कई और एमएसएमई फेसिलिटेशन काउंसिल्स शुरू की गई हैं। एमएसएमई के लिए वित्त की समस्या के समाधान हेतु एक आकर्षक योजना 'मुख्यमंत्री लघु उद्योग प्रोत्साहन योजना' शुरू की गई है। एक व्यापक एमएसएमई नीति भी तैयार की जा रही है और यह एक महीने में जारी की जाएगी।
रिसर्जेंट इंडिया लिमिटेड के निदेशक के.के. गुप्ता ने कहा कि उद्योग के हितधारकों व सरकार को वित्तीय चुनौतियों के साथ-साथ तकनीकी, मार्केटिंग और कच्चे माल की सोर्सिंग जैसे अन्य पहलुओं पर भी ध्यान देना चाहिए। फिक्की राजस्थान की मैन्यूफैक्चरिंग एंड एक्सपोर्टर्स सब कमेटी के चेयरमेन मयंक शाह ने बताया कि एमएसएमई किस प्रकार न केवल रोजगार के व्यापक अवसर प्रदान करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं, बल्कि ग्रामीण व पिछड़े क्षेत्रों के औद्योगीकरण में भी मदद करते हैं। इस अवसर पर रिसर्जेंट इंडिया लिमिटेड द्वारा तैयार किया गया नॉलेज पेपर 'रिविजिटिंग द फ्यूचर ऑफ एमएसएमई इन राजस्थान' का विमोचन भी किया गया।
Published on:
03 Jun 2022 04:21 pm
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