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ख्वाहिश… गानों में फिर लौटे मेलोडी का सुनहरा दौर : Mannan

हिंदी फिल्म इंडस्ट्री में बतौर म्यूजिक कंपोजर 10 साल पूरे कर चुके हैं मनन शाह। चाचा और फिल्ममेकर विपुल शाह को मेंटॉर की तरह मानते हैं।

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जयपुर

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Aryan Sharma

Apr 13, 2023

मनन शाह

मनन शाह

जयपुर. म्यूजिक कंपोजर के तौर पर मनन शाह की बॉलीवुड में फिल्म 'कमांडो : ए वन मैन आर्मी' (2013) से शुरुआत हुई थी। खास बात यह है कि 12 अप्रेल को इस फिल्म को रिलीज हुए 10 साल पूरे हो गए हैं। बतौर म्यूजिक कंपोजर 10 साल की अब तक की जर्नी को लेकर मनन काफी एक्साइटेड हैं। संगीत में अपने सफर के पन्ने पलटते हुए वह कहते हैं, 'संगीत में मेरे पहले गुरु पंडित विनायक वोरा थे, जिनसे मैंने 11 साल ट्रेनिंग ली। इसके अलावा पद्म विभूषण उस्ताद गुलाम मुस्तफा खान से शास्त्रीय संगीत की ट्रेनिंग ली। इसके बाद म्यूजिक डायरेक्टर प्रीतम चक्रवर्ती को दो साल तक असिस्ट किया। इस दौरान उनके म्यूजिक डायरेक्शन में मैंने दो गाने भी गाए। फिर मुझे विद्युत जामवाल अभिनीत 'कमांडो' से बतौर म्यूजिक डायरेक्टर इंडस्ट्री में ब्रेक मिला। इस फिल्म को मेरे चाचा विपुल शाह ने प्रोड्यूस किया था। वे मेरे लिए मेंटॉर की तरह हैं।'
'कमांडो 2 : द ब्लैक मनी ट्रेल', 'नमस्ते इंग्लैंड', 'कमांडो 3' सरीखी फिल्मों के म्यूजिक डायरेक्टर मनन का मानना है कि गानों में मेलोडी स्ट्रॉन्ग होगी तो साउंड कॉम्प्लीमेंट करेगा। सिर्फ साउंड से गाने नहीं चल सकते। वह कहते हैं, मैंने हमेशा स्ट्रॉन्ग मेलोडी और पोएटिक लिरिक्स की क्वालिटी अपने गानों में कायम रखी है। चाहे वह 'कमांडो 3' में अरिजीत सिंह का गाया 'अखियां मिलावंगा' हो, 'कमांडो 2' में अरमान मलिक की आवाज में 'तेरे दिल में' या फिर 'नमस्ते इंग्लैंड' में आतिफ असलम का गाया 'तेरे लिए'। पोएटिक एलीमेंट लिरिक्स में होने से गाने लंबे समय तक लोगों की जुबां पर रहते हैं। मैं पर्सनली चाहता हूं कि मेलोडी फिर से रिवाइव हो। ऐसे गाने बनें जो म्यूजिक के गोल्डन एरा में बनते थे।

फिल्म फेस्टिवल्स में दौड़े 'रूप नगर के चीते'
मनन फिल्म प्रोड्यूसर भी हैं। उन्होंने मराठी फिल्म 'रूप नगर के चीते' (2022) प्रोड्यूस की है। यह ट्रू इवेंट्स पर बेस्ड दो दोस्तों की कहानी है। इसका जॉनर फ्रेंडशिप है। मनन का मानना है कि मराठी सिनेमा में फ्रेंडशिप जॉनर कम एक्सप्लोर हुआ है। मनन मराठी फिल्मों के कंटेंट से काफी प्रभावित हैं, खासकर 'श्वास', 'मी शिवाजीराजे भोसले बोलतोय', 'वेंटिलेटर', 'सैराट'। 'रूप नगर के चीते' कंटेंट बेस्ड ड्रामा है, इसलिए उन्होंने बतौर प्रोड्यूसर इस फिल्म से शुरुआत की। मनन बताते हैं कि 'रूप नगर के चीते' की स्क्रीनिंग करीब 20 फिल्म फेस्टिवल्स में हो चुकी है। कई फिल्म फेस्टिवल में यह अवॉर्ड भी जीत चुकी है।
अपने अपकमिंग प्रोजेक्ट्स के बारे में मनन का कहना है कि मैं बतौर निर्माता अच्छी कहानियां दर्शकों के सामने परोसना चाहता हूं। म्यूजिक में डिसेबल्ड लोगों के साथ इंटरेस्टिंग प्रोजेक्ट पर काम कर रहा हूं। दिलचस्प यह है कि 16 साल की उम्र में मेरे पहले बैंड में सभी म्यूजिशियन विजुअली इम्पेर्ड थे। जब शुरुआत की थी, तब 12 म्यूजिशियन थे। अब उस बैंड का नाम 'उड़ान' है और उसमें 60 म्यूजिशियन हैं। मैं इस बैंड के साथ म्यूजिक में कुछ स्पेशल क्रिएट करने जा रहा हूं। इसके अलावा हिंदी फिल्म की एक स्क्रिप्ट शॉर्टलिस्ट की है, जिसका प्रोडक्शन इस साल के अंत तक शुरू कर सकता हूं।