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कौशल प्रशिक्षण का मुख्य लक्ष्य युवाओं को रोजगार दिलवाना होना चाहिए: अशोक चांदना

पुर्नगठित की जाएंगी कौशल विकास की योजनाएं. कौशल विकास योजनाओं को 4 भागों में बांटा गया

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जयपुर

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Rakhi Hajela

Aug 27, 2020

कौशल प्रशिक्षण का मुख्य लक्ष्य युवाओं को रोजगार दिलवाना होना चाहिए: अशोक चांदना

कौशल प्रशिक्षण का मुख्य लक्ष्य युवाओं को रोजगार दिलवाना होना चाहिए: अशोक चांदना

झालाना डूंगरी स्थित राजस्थान कौशल एवं आजीविका विकास निगम परिसर में गुरुवार को कौशल, नियोजन एवं उद्यमिता विभाग राज्य मंत्री अशोक चांदना ने आरएसएलडीसी ने स्कीमों को पुर्नगठित करने के निर्देशों पर समीक्षा बैठक ली। इससे पहले मंत्री महोदय ने 10 अगस्त को आरएसएलडीसी में चल रही पुरानी योजनाओं को पुनगर्ठित करने के निर्देश दिए थे। इसके बाद आरएसएलडीसी के कॉफ्रेंस हॉल में कौशल विकास से जुड़ी योजनाओं के नवीन स्वरूप और खाके पर चर्चा की गई। इस समीक्षा बैठक में आरएसएलडीसी के प्रबंध निदेशक बिष्णु चरण मल्लिक ने मंत्री महोदय को नई योजनाओं से अवगत कराया। इस समीक्षा बैठक में कौशल, रोजगार एवं उद्यमिता विभाग के शासन सचिव नीरज के पवन भी उपस्थित थे। बैठक में कौशल विकास प्रशिक्षण के बेहतर भविष्य के लिए कुछ महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए।
चार प्रमुख स्कीमों में बांटी जाएंगी कौशल प्रशिक्षण योजना
इस बैठक में मंत्री अशोक चांदना ने निर्देशित किया कि मूलतया सभी स्कीमों को चार भागों में बांटा जाए। सभी स्कीमों को बेरोजगार युवाओं एवं निचले वर्ग के हित में बनाया जाएगा। इसमें दो प्रमुख योजनाओं का लक्ष्य युवाओं को सुनिश्चित रोजगार मुहैया करवाना होगा। वहीं एक स्कीम गरीब एवं पिछड़े वर्ग के लोगों को स्वरोजगार के अवसर प्रदान करने का काम करेगी और एक स्कीम का लक्ष्य केवल कौशल होगा, इस स्कीम को चैरिटी की श्रेणी में रखा जाएगा। रोजगारपरक स्कीमों में ऐसी बड़ी इंडस्ट्रीज के साथ साझेदारी की जाएगी जोकि युवाओं को ज्यादा से ज्यादा कौशल प्रदान कर हाथों.हाथ रोजगार भी दिलवाए। वहीं स्वरोजगार की स्कीम में ऐसे युवा वर्ग को चिन्हित किया जाएगा जो खुद अपना काम करने में सक्षम होंगे। अंतिम स्कीम पूरी तरह से समाज के अति पिछड़ा वर्ग के लिए होगी। इसे चैरिटी स्कीम भी कहा जा सकता है। इसमें भिखारी, जेल कैदी, आदीवासी क्षेत्र में पिछड़ी जनजातियों से जुड़े लोगों को किसी न किसी कौशल से जोडऩे का प्रयास किया जाएगा।
अब बड़ी इंडस्ट्रीज एवं यूनिवर्सिटीज करवाएंगी स्किलिंग
राजस्थान कौशल एवं आजीविका विकास निगम की ओर से जो नई योजनाएं गठित की जा रही हैं वो कौशल की गुणवत्ता को निखारने का कार्य करेंगी। अब आरएसएलडीसी क्षेत्र विशिष्ट उद्योगों के साथ मिलकर कौशल विकास के नए कोर्सेज एवं नई योजनाओं का क्रियान्वन किया जाएगा। इन योजनाओं में युवाओं के बेहतर प्रशिक्षण एवं रोजगार के अवसरों हेतु बड़ी इंडस्ट्रीज एवं यूनिवर्सिटीज के साथ समझौता किया जाएगा। इस बैठक में आईटीआई एवं आरएसएलडीसी के बीच एमओयू पर हस्ताक्षर भी किए गए। इस एमओयू के तहत अब कौशल विकास प्रशिक्षण के लिए सरकारी आईटीआई की सुविधा भी ली जा सकेंगी। ये एमओयू टेक्निकल यूनिवर्सिटी के निदेशक एके आनंद, निदेशक और बिष्णु चरण मल्लिक के बीच साइन हुआ। बैठक के अंत में अशोक चांदना ने निर्देश दिए कि योजनाओं के नए प्रारूप को जल्द से जल्द लागू करवाया जाए।