
प्रदेशभर की 1500 अदालतों में नहीं हुआ न्यायिक कामकाज
जयपुर। राजस्थान न्यायिक कर्मचारी संघ के बैनर तले चल रहे प्रदेशव्यापी सामूहिक न्यायिक कार्य बहिष्कार के बाद आज राजस्थान हाईकोर्ट प्रशासन के साथ कई दौर की वार्ता हुई। पहले दो दौर में वार्ता असफल रही तो वहीं तीसरे दौर में वार्ता का नतीजा सकारात्मक रहा। हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश पंकज मिथल एवं प्रशासन ने मांगों पर सहमति जताई है। इसमें कर्मचारियों की सबसे बड़ी मांग मृतक सुभाष के परिजनों की ओर से एफआईआर दर्ज कराने की थी, जिस पर हाईकोर्ट ने सहमति दे दी है। राजस्थान न्यायिक कर्मचारी संघ के प्रदेशाध्यक्ष सुरेंद्र नारायण जोशी का कहना है कि एफआईआर की प्रति मिलने के बाद आंदोलन को खत्म कर दिया जाएगा।
बता दें कि गुरूवार को हुई इस वार्ता के लिए कर्मचारियों का एक प्रतिनिधिमंडल जयपुर से सुबह ही जोधपुर पहुंच गया था। यहां पर मुख्य न्यायाधीश पंकज मिथल के साथ हाईकोर्ट के अन्य अधिकारियों के साथ उनकी बैठक हुई। पहली बैठक दोपहर करीब एक बजे हुई, जो ढाई बजे तक चली। उसके बाद दूसरी बैठक साढ़े तीन बजे से करीब 5 बजे तक चली। दोनों ही बैठकों में कर्मचारियों की मांगों पर कोई सहमति नहीं बनी है। उसके बाद तीसरी दौर की वार्ता में अधिकांश मांगों पर सहमति बन गई है।
जयपुर में 18 नवंबर से सामूहिक अवकाश पर कर्मचारी
गौरतलब है कि जयपुर में 18 नवंबर से कार्य बहिष्कार जारी हैं। वहीं, बुधवार से पूरे प्रदेश के न्यायिक कर्मचारियों ने सामूहिक अवकाश ले लिया। जिसके कारण अधीनस्थ अदालतों में न्यायिक कामकाज पूरी तरह से ठप्प हो गया। संघ के बद्रीलाल चौधरी ने बताया कि जयपुर में सेशन कोर्ट परिसर में न्यायिक कर्मचारियों की ओर से सद्बुद्धि यज्ञ भी किया गया। जिसमें बड़ी संख्या में कर्मचारी मौजूद रहे।
Published on:
01 Dec 2022 07:21 pm
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