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शहरों में 200 रुपए में मिलेगा मकान

10 साल तक वहीं रहे तो मिल सकेगा मालिकाना हक

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शहरों में 200 रुपए में मिलेगा मकान

शहरों में 200 रुपए में मिलेगा मकान

जयपुर। गरीबों (ईडब्ल्यूएस व एलआईजी वर्ग) को अब 200 से 300 रुपए महीने में किराए पर आवास मिल सकेगा। नगर पालिकाओं, विकास प्राधिकरण, नगर विकास न्यास की ओर से बनाए गए आवास इन्हें आवंटित होंगे। चयन का आधार पहले आओ, पहले पाओ के आधार पर होगा।राज्य सरकार ने गरीबों को न्यूनतम किराए पर आवास उपलब्ध कराने की आदेश जारी कर दिए हैं। खास यह है कि यदि आवंटी 10 साल तक उसी आवास में रहता है तो वे उसके मालिक भी बन जाएंगे। इसके लिए कुछ निर्धारित राशि जमा करानी होगी। हालांकि, प्रदेश के 5 शहरों में अभी केवल 1860 ही आवास उपलब्ध हैं और इनमें भी कई तो आबादी क्षेत्र से दूर हैं। इसलिए सरकार के लिए चुनौती होगी कि लोगों को सस्ते किराए के साथ-साथ वहां सुविधाएं उपलब्ध कराए।

रेंटल स्कीम फेल, 1500 रुपए से घटाकर 200 रुपए करना पड़ा

रेंटल स्कीम फेल होने के बाद अब यह प्रक्रिया अपनाई गई है। जेडीए व अन्य निकायों ने पहले ऐसे आवासों को किराए पर चलाने के लिए गाइडलाइन तैयार की थी। संबंधित फर्मों को भी बुलाय गया और अधिकतम मासिक किराया 1500 रुपए तक तय किया गया। इसके बावजूद कोई भी फर्म इन आवासों की आॅपरेशन एवं मेंटीनेंस के लिए तैयार नहीं हुई।

यह होगा किराया

-ईडब्ल्यूएस (आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग)- 200 रुपए प्रति माह

-एलआईजी (निम्न आय वर्ग)- 300 रुपए प्रति माह

इस तरह मिलेगा मालिकाना हक

-दस साल बाद भी वहीं रह रहा है और आवास को सबलेट नहीं किया है तो आवंटी को स्वामित्व के अधिकार दिए जा सकेंगे।

-ईडब्ल्यूएस को 2.40 लाख रुपए और एलआईजी श्रेणी वर्ग को 3.75 लाख रुपए देने होंगे। हालांकि, इस दौरान किराए के रूप में जितनी राशि दे दी है, वह कुल राशि में से कम हो जाएगी। यह राशि भी अगले 10 वर्ष में बिना ब्याज जमा कराने की सुविधा दी गई है।


1. आवंटी की जिम्मेदारी

-रहने के दौरान आवास मरम्मत और रखरखाव

-पानी व बिजली का बिल चुकाना

2. निकाय की जिम्मेदारी

-आवास प्रोजेक्ट एरिया तक मूलभूत सुविधा पहुंचाना। जलापूर्ति, बिजली सप्लाई, जल निकासी, सीवरेज, सड़क व अन्य।

-रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशन का गठन निवासियों की सहमति के आधार पर करना।


कई आवास बदहाल

सीएम जन आवास योजना और जन सहभागिता के तहत जयपुर शहर, चाकसू, भिवाड़ी, दौसा, बालोतरा सहित अन्य शहरों में गरीबों के लिए आवास बनाए गए। कई शहरों में 6-7 साल से खाली पड़े हैं। ऐसे आवास मेंटीनेंस के अभाव में बदहाल हो गए।

अभी रेंटल योजना में कहां-कितने आवास

जयपुर शहर- 1503चाकसू- 61

भिवाड़ी- 104दौसा- 116

बालोतरा- 76