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तन्मय की एक ही रट, कहां है मेरे मम्मी-पापा और भाई

दर्दनाक हादसा माहेश्वरी दम्पत्ति, तड़के 4 बजे निकले थे जयपुर से, रात करीब साढ़े आठ बजे लौटे उनके शव सपना निजी कॉलेज में थी प्रोफेसर, नितिन एक एयरक्राफ्ट कंपनी में था इंजीनियर

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तन्मय की एक ही रट, कहां है मेरे मम्मी-पापा और भाई

तन्मय के दादा-दादी, माता-पिता और छोटे भाई दक्ष के साथ लिया गया कुछ दिन पहले का फोटो।


जयपुर. सीकर के फतेहपुर में नेशनल हाइवे 52 पर हरसावा बड़ा गांव के पास कार और एसयूवी की टक्कर में मौत होने के बाद 41 वर्षीय नितिन माहेश्वरी, उनकी पत्नी डॉ. सपना और 8 वर्षीय बेटे दक्ष के शव शुक्रवार रात करीब साढ़े आठ बजे जयपुर पहुंचे। बनीपार्क स्थित हरसुख अक्षित अपार्टमेंट में में शव पहुंचते ही परिचित और रिश्तेदारों की आंसू निकल आए। नितिन के दोस्त साबू ने बताया कि शुक्रवार तड़के 4 बजे अबोहर शादी में जाने के लिए निकले थे। कुछ घंटे बाद ही हादसे की सूचना आ गई। हादसे में नितिन का बड़ा बेटा तन्मय घायल हो गया। तन्मय बार-बार अपने पिता, मां और भाई के बारे में बार-बार पूछ रहा है। नितिन के पिता सुरेश और मां बेला को ढाढस बंधाने वाले परिचित लोग घायल तन्मय को देख गमगीन हो गए। मूलत: हरियाणा के सिरसा के रहने वाले नितिन करीब दस साल से माता-पिता और पत्नी व बच्चों के साथ इस अपार्टमेंट में रह रहे हैं। जबकि चार पांच साल अन्य जगह रहे। सपना जयपुर के एक निजी कॉलेज में इकॉनोमिक्स विभाग की एचओडी थी। सपना के कॉलेज में दुर्घटना की सूचना मिलते ही शौक की लहर दौड़ गई। वहीं नितिन एक एयरक्राफ्ट कंपनी में इंजीनियर थे। मां-बाप के इकलौते बेटे नितिन की बहन पूना में रहती है। जयपुर में ही शनिवार को तीनों शवों की अंत्येष्टि होगी।