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Gangaur Festival 2022: बाजारों से लेकर घरों तक घेवर की महक, हाथों में रची मेहंदी

सिंजारा आज: राजधानी जयपुर में दो साल बाद दिखा गणगौर पर्व का उल्लासकल निकलेगी गणगौर की शाही सवारी

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जयपुर

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Savita Vyas

Apr 03, 2022

Gangaur Festival 2022: बाजारों से लेकर घरों तक घेवर की महक, हाथों में रची मेहंदी

Gangaur Festival 2022: बाजारों से लेकर घरों तक घेवर की महक, हाथों में रची मेहंदी


जयपुर. कोरोना से राहत मिलने के साथ ही राजधानी जयपुर में गणगौर पर्व को लेकर उल्लास का माहौल है। दो साल बाद फिर से शहर में गणगौर की शाही सवारी निकलेगी। गणगौर की सवारी को लेकर तैयारियां पूरी हो गई है। सवारी के दौरान विभिन्न लोक कलाकार अपनी प्रस्तुति से राजस्थानी छटा बिखेरेंगे। वहीं मंगलवार को परकोटे में बूढ़ी गणगौर की सवारी निकाली जाएगी ।

आज सिंजारा महोत्सव की धूम
राजधानी में लोक पर्व सिंजारा महोत्सव आज मनाया जा रहा है। महिलाओं ने आज मेहंदी रचा कर सोलह शृंगार किए। इस मौके पर नवविवाहित युवतियों के ससुराल पक्ष से सिंजारा भेजा गया। इसमें घेवरों के साथ सुहागिनों की पोशाक, आभूषण और सुहाग सामग्री भेजी गई। बाजारों में घेवर खरीदने वालों की सुबह से ही भीड़ नजर आ रही है। महिलाएं शाम को गणगौर माता को घेवर का भोग लगाएंगी। वही कल गणगौर का लोक पर्व मनाया जाएगा। इस बार सोमवार को गणगौर पर्व आने से महिलाओं के लिए सुख—समृद्धि कारक रहेगी।

ठाकुरजी को लगाया घेवरों का भोग

सिंजारे पर शहर के मंदिरों में भी कई आयोजन हो रहे हैं। गोविंददेवजी मंदिर में राजभोग झांकी में खीर-घेवर का भोग लगाया गया। चांदनी चौक के मंदिर श्री ब्रजनिधिजी व आनंद कृष्ण बिहारीजी मंदिर में सिंजारा मनाया गया। राधाजी को घेवर का भोग के साथ ही मेहंदी रचाई गई। चौड़ा रास्ता स्थित राधा दामोदर मंदिर, पुरानी बस्ती स्थित राधा गोपीनाथ जी मंदिर, बड़ी चौपड़ स्थित लक्ष्मीनारायण मंदिर और पानों का दरीबा स्थित सरस निकुंज में भी भगवान को खीर-घेवर का भोग लगाया जाएगा।