जी क्लब में फायरिंग मामले में आगरा पुलिस के सहयोग से पकड़े लॉरेंस गैंग के तीनों शूटरों को जयपुर लाते समय लघु शंका के दौरान पुलिस के हथियार छीनकर फायर करने पर पुलिस ने तीनों को गोली मार दी। गोली उनके पैर में लगी। पुलिस ने उन्हें एसएमएस अस्पताल के एक ट्रोमा सेंटर में भर्ती करवाया है। पकड़े गए बदमाशों में एक बाल अपचारी भी है जिसकी उम्र महज 15 साल हैं।
आगरा पुलिस की मदद से अपराध में शरीक अपराधी राजगढ़ निवासी रिषभ उर्फ यश, आगरा उ.प्र निवासी प्रदीप शुक्ला और तीसरे बाल अपचारी को हिरासत में लिया गया। घटना में शरीक चौथे अपराधी भूपेन्द्र गुर्जर के ठिकाने पर दबिश देने पर हथियारों के साथ पकड़े जाने पर आगरा पुलिस ने आर्म्स एक्ट में गिरफ्तार कर लिया। तीनों को एसीपी खलील अहमद लेकर रवाना हुए। खोह नागोरियान थाना क्षेत्र में पहुंचने पर गिरफ्तार आरोपी रिषभ उर्फ यश ने शौच और लघुशंका के लिए वाहन को रूकवाया। इसी समय दोनों अभियुक्तों ने लघुशंका के लिए कहा तो वह ले जाने लगे। इसी दौरान तीनों ने पुलिस जाब्ते पर हमला कर दिया। तीनों ने चिरंजीलाल के गनमैन सन्नी जांगिड से हाथापाई कर उसके साथ से रिषभ ने पिस्टल छीन ली और पुलिस जाब्ते पर फायर करते हुए मौके से भागने लगे। पुलिस ने किसी तरह खुद को बचाया। पुलिस ने हवाई फायर देकर चेतावनी भी दी लेकिन वह नहीं माने। इस पर पुलिस ने भागते समय दो फायर किए एक फायर रिषभ के बाएं पैर पर लगा दूसरा प्रदीप शुक्ला के दाहिने पैर पर लगा। गुत्थमगुत्था और पिस्टल छुड़ाने के प्रयास में चिरंजीलाल की पिस्टल से फायर हुआ जो बालअपचारी के पैर पर लगा। पैर में गोली लगने के बाद पुलिस ने तीनों को एसएमएस अस्पताल ले गई जहां उनका उपचार चल रहा है।
होटल में हुई थी मुलाकात
पुलिस पूछताछ में सामने आया कि आरोपी रिषभ रजवार एवं बाल अपचारी बीकानरे से 27 जनवरी को रवाना होकर जयपुर आए। जयपुर में आरोपी प्रदीप शुक्ला और भूपेन्द्र गुर्जर मानसरोवर के इलाके में एक होटल में इनकी मुलाकात हुई। घटना से पूर्व क्लब की रैकी कर 28 जनवरी को घटना को अंजाम दिया। इन अपराधियों को रितिक बॉक्सर द्वारा प्रदीप शुक्ला और भूपेन्द्र गुर्जर के मार्फत हथियार और टारगेट उपलब्ध करवाए।