
Rajasthan Agriculture: कृषि में ड्रोन तकनीक के उपयोग से बढ़ेगी खेती की पैदावार
सरकार कृषि में ड्रोन तकनीक का उपयोग कर खेती की पैदावार बढ़ाएगी। ड्रोन से उर्वरक के छिड़काव से लेकर विकास और कल्याणकारी परियोजनाओं की निगरानी भी करेगी। केंद्रीय संसदीय मामलों और संस्कृति राज्यमंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने कहा कि तकनीक आधारित कृषि समय की मांग है। हमारे राज्य की खेती में ड्रोन तकनीक की बहुत गुंजाइश है। हम तकनीक का उपयोग कर पैदावार बढ़ा सकते है। आज किसानों की मेहनत की बदौलत ही राजस्थान में खाद्य तेल और तिलहन, दालें और मोटे अनाज जैसे बाजरा की विविधता बहुतायत हैं। अर्जुन ने कहा, 'आज मैंने बीकानेर जिले में स्थित गुसाईसर गांव में सिंजेंटा द्वारा आयोजित कार्यक्रम में ड्रोन से कीटनाशक व उर्वरक के छिड़काव का अवलोकन किया एवं ड्रोन का ट्रायल किया'।
किसानों के समय व धन की बचत होगी
ड्रोन के उपयोग से किसानों के समय व धन की बचत होगी ड्रोन बहुत कम समय में पूरे खेत में दवा व उर्वरक का छिड़काव कर सकता है। मात्र 10 मिनट में ड्रोन से 1 एकड़ क्षेत्र में नैनो यूरिया या कीटनाशक का छिड़काव किया जा सकता है। भारत सरकार ने भी खेती में ड्रोन के प्रयोग को बढ़ावा देने के लिये नीति घोषित की है। निकट भविष्य में बेरोजगार युवाओं को ड्रोन संचालन का प्रशिक्षण कौशल विकास केन्द्रों के माध्यम से दिया जाएगा तथा ड्रोन खरीदने के लिये अनुदान के साथ ऋण बैंकों से दिलाया जाएगा, ताकि खेतों में कीटनाशक व उर्वरक का छिड़काव ड्रोन के माध्यम से कर युवा आय प्राप्त कर सकें और आत्मनिर्भर बन सकें। सरकार ने कृषि में तकनीक आधारित एक रोडमैप भी तैयार किया है, जो खेती की लागत को प्रभावी बनाएगा और किसानों की आय भी बढ़ेगी। किसानों को ड्रोन तकनीक का इस्तेमाल कर अपनी पैदावार बढ़ाने के लिए पहल करनी चाहिए।
खेती की तरफ लोगों का झुकाव होगा
सिंजेंटा इंडिया के चीफ सस्टेनेबिलिटी ऑफिसर डॉ. केसी रवि ने कहा कि ड्रोन जैसी तकनीक से पैदावार बढ़ेगी और किसानों को काफी लाभ होगा। इससे खेती की तरफ लोगों का झुकाव होगा। हम नई तकनीकों के माध्यम से पर्यावरण में नित्य हो रहे बदलाव के बीच किसानों को पैदावार बढ़ाने में सक्षम बनाएंगे। यह देखना बहुत उत्साहजनक है कि राजस्थान ने न केवल नई तकनीक में रुचि दिखाई है, बल्कि कृषि को तकनीकी रूप से चलाने के लिए एक रोडमैप भी तैयार किया है, जो खेती को प्रभावी बनाएगा और किसानों की आय में वृद्धि करेगा। सिंजेंटा द्वारा बीकानेर जिले के गुसांई सरगांव में 300 से अधिक किसानों को ड्रोन से छिड़काव का प्रदर्शन दिया गया, ताकि उन्हें इस सफल तकनीक से अवगत कराया जा सके। सिंजेंटा इंडिया ने 15 जुलाई को अपने मुख्यालय पुणे से ड्रोन यात्रा को रवाना किया था। इस यात्रा में 10,000 किसानों के बीच ड्रोन से छिड़काव के बारे में जागरूकता पैदा की जाएगी। सिंजेंटा उन कुछ निजी कंपनियों में शामिल है जिन्हें ड्रोन के इस्तेमाल के लिए केंद्र सरकार ने अनुमति दी हुई है। ड्रोन इससे पहले महाराष्ट्र और मध्य प्रदेश की यात्रा कर चुकी है।
Published on:
17 Aug 2022 02:49 pm
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