3 जनवरी 2026,

शनिवार

Patrika LogoSwitch to English
home_icon

मेरी खबर

icon

प्लस

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

मुख्यमंत्री से मिलकर संजीवनी क्रेडिट को-ऑपरेटिव सोसायटी के पीड़ितों के छलके आंसू

मुख्यमंत्री अशोक गहलोत से मुख्यमंत्री निवास पर रविवार को संजीवनी क्रेडिट को-ऑपरेटिव सोसायटी द्वारा ठगी के शिकार पीडि़तों ने मुलाकात की। राज्य के विभिन्न जिलों से आए पीडि़तों ने अपने करोड़ों रुपए निवेश की ठगी, बिगड़ते पारिवारिक और सामाजिक हालातों से मुख्यमंत्री को अवगत कराया।

2 min read
Google source verification

जयपुर

image

Lalit Tiwari

Mar 06, 2023

मुख्यमंत्री से मिलकर संजीवनी क्रेडिट को-ऑपरेटिव सोसायटी के पीड़ितों के छलके आंसू

मुख्यमंत्री से मिलकर संजीवनी क्रेडिट को-ऑपरेटिव सोसायटी के पीड़ितों के छलके आंसू

मुख्यमंत्री अशोक गहलोत से मुख्यमंत्री निवास पर रविवार को संजीवनी क्रेडिट को-ऑपरेटिव सोसायटी द्वारा ठगी के शिकार पीडि़तों ने मुलाकात की। राज्य के विभिन्न जिलों से आए पीडि़तों ने अपने करोड़ों रुपए निवेश की ठगी, बिगड़ते पारिवारिक और सामाजिक हालातों से मुख्यमंत्री को अवगत कराया।
पीडि़तों ने अपनी मार्मिक आपबीती बताते हुए कहा कि वर्षों की काढ़ी मेहनत से एक-एक रुपया जोडक़र राशि जमा की थी। सोसायटी संचालकों ने बड़े लाभ दिलाने के भरोसे में लेकर निवेश कराया। अब पासबुकें खाली पड़ी है और सोसायटी द्वारा दिए बॉन्ड धूल खा रहे हैं। अपनी आपबीती बताते हुए कई पीडि़त भावुक हुए तो कई रोने लगे। उन्होंने बताया कि केन्द्रीय मंत्री गजेन्द्र सिंह शेखावत ने सोसायटी के मैनेजिंग डायरेक्टर विक्रम सिंह के साथ उन्हें निवेश करने के लिए भरोसे में लिया था।
पीडि़त शकुंतला शर्मा ने बताया कि एजेंटों और मंत्री के मिलने वालों ने हमें कहा था कि सोसायटी मंत्री जी के हाथ में है। आपकी राशि सुरक्षित है। मेरे 25 लाख रुपए निवेश है। पीडि़त उषा ने बताया कि स्वयं के साथ घरों में काम करने वाली महिलाओं के लगभग 20 लाख रुपए जमा कराए थे। अब वे महिलाएं रोजाना पैसे वापस दिलाने के लिए कहती है। ऐसे में मेरा बाहर निकलना भी मुश्किल हो गया है।

सेवानिवृत होने पर मिली पूंजी कराई थी जमा
जोधपुर निवासी 65 वर्षीय पारसमल जैन ने कहा कि 2.5 करोड़ रुपए जमा कराए, लेकिन कुछ भी नहीं मिला और मेरा बच्चा भी दिव्यांग है। बस्सी निवासी श्री तेजपाल गुप्ता ने बताया कि राजकीय सेवा से सेवानिवृत होने के बाद वर्ष 2016 में 2 लाख रुपए की एफडी कराई। मेरे कुल 43 लाख जमा है, उस समय बस्सी ब्रांच कुल 9 करोड़ रुपए की थी। अब परिवार के हालात खराब हो चुके है। केकड़ी निवासी राजेंद्र उपाध्याय ने बताया कि अध्यापक पद से सेवानिवृति में मिली राशि सहित 40 लाख रुपए निवेश किए थे।

पेंशन से चुका रहा हूं निवेशकों की राशि
चौमूं निवासी सतीश कुमार कानूनगो ने कहा कि मेरे 10 लाख, पत्नी के 15 और मां के नाम से 6 लाख रुपए जमा कराए थे। मैं एजेंट भी रहा। ऐसे में लोग मुझसे राशि मांगते है। अब पेंशन राशि से उन्हें थोड़ा-थोड़ा चुका रहा है।

घर-रिश्तों में आई दरारें, मिल रही धमकियां
मालपुरा निवासी विष्णु ने बताया कि खुद के साथ रिश्तेदारों से लगभग 5 करोड़ रुपए निवेश कराया। अब राशि नहीं मिलने से घर और रिश्तों में दरारें आ गई है। जोधपुर निवासी अश्विनी परिहार ने कहा कि एजेंट के रूप में लगभग 5 करोड़ रुपए जमा कराए थे। अब निवेशकों से धमकियां मिल रही है।


बड़ी खबरें

View All

जयपुर

राजस्थान न्यूज़

ट्रेंडिंग