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यूं तो हो लिए ‘आदर्श’

अजमेर को स्मार्टसिटी का तमगा मिल गया लेकिन विद्या मंदिर अभी भी अपने खुद के भवन के लिए जमीन तलाश रहे हैं। सरकारी विद्या मंदिरों को स्मार्ट बनाने से पहले सरकारी भवन बनाना भी चुनौती साबित हो रहा है। 

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Moti ram

Feb 19, 2015

अजमेर को स्मार्टसिटी का तमगा मिल गया लेकिन विद्या मंदिर अभी भी अपने खुद के भवन के लिए जमीन तलाश रहे हैं। सरकारी विद्या मंदिरों को स्मार्ट बनाने से पहले सरकारी भवन बनाना भी चुनौती साबित हो रहा है।

संभाग मुख्यालय का राजकीय माध्यमिक विद्यालय कहने को भले ही 'आदर्श' हो मगर खुद के भवन के नाम पर खाली हाथ है। विद्यालय में मात्र चार कक्षा-कक्ष हैं। कक्षा एक से दसवीं तक 10 कक्षों की आवश्यकता होती है मगर एक साथ विद्यालय संचालित करने में दिक्कत का सामना करना पड़ रहा है।

46 विद्यालयों को नहीं ठौर
जिले में करीब 46 विद्यालय किराए के भवनों में संचालित है। इनमें से16 प्राथमिक विद्यालय, 21 उच्च प्राथमिक विद्यालय,माध्यमिक कक्षा एक से दसवीं तक के 3 विद्यालय, उच्च माध्यमिक कक्षा 1 से 12 के 5 विद्यालय किराए के भवनों में पनाह लिए हुए हैं। खास बात यह है कि 46 में से मात्र 4 विद्यालय ग्रामीण क्षेत्र के हैं। शहरी क्षेत्र के 42 विद्यालय किराए के भवन में चल रहे हैं।
शिक्षा मंत्री से उम्मीद
शिक्षा राज्यमंत्री वासुदेव देवनानी के गृहजिले में विद्यालयों के भवन मामले में संस्था प्रधानों एवं अधिकारियों को अब उम्मीद जगी है। शिक्षा राज्यमंत्री की पहल पर इन विद्यालयों को जमीन आवंटन हो सकती है। जमीन आवंटन के बाद रमसा व एसएसए से भवनों का निर्माण हो सकता है।

'मरम्मत भी नहीं करवा सकते'
भवन किराए का है, मरम्मत भी नहीं करवा सकते। कक्षा कक्ष कम होने से विद्यालय दो पारियों में चलाना पड़ रहा है। बारिश में सबसे ज्यादा परेशानी होती है।
- पुरुषोत्तम पारीक, संस्था प्रधान रा.आदर्श मावि पीपल का कुआं

प्रस्ताव सरकार को भिजवाया
अजमेर शहर में करीब 12 विद्यालय किराए के भवन में संचालित हैं। इनमें से विद्यालयों को एडीए की ओर से जमीन आवंटन करने को कहा है, इसके प्रस्ताव बनाकर सरकार को भिजवा दिए हैं। अधिकांश विद्यालय नगर निगम सीमा में है। इनमें जमीन उपलब्ध नहीं है। डिग्गी मोहल्ला स्कूल को निगम की ओर से पत्र लिखा गया है।
-सुरेश चन्द्र शर्मा, जिला शिक्षा अधिकारी (माध्यमिक प्रथम)

पीपल का कुआं आदर्श विद्यालय
अजमेर शहर के धोलाभाटा स्थित पीपल का कुआं राजकीय आदर्श माध्यमिक विद्यालय पिछले कई वर्षों से किराए के भवन में संचालित है। भवन किराए का होने से जगह-जगह से जर्जर है। बारिश में कई बार बच्चों की छुट्टी करनी पड़ती है। स्टाफ कक्ष भी नहीं है।

रिक्त कालांश व मध्यांतर में शिक्षकों को कभी प्रधानाध्यापक कक्ष में बैठना पड़ता है तो कभी बाहर खड़ा पड़ता है। बच्चों को पढ़ाने के लिए परिसर के खुले भाग में ब्लैक बोर्ड बनाए गए लेकिन यहां दीवार भी जर्जर हैं। ऐसे में अब यह ब्लैक बोर्ड सूचना पट्ट का काम कर रहे हैं।

सौ विद्यार्थी के लिए भी दो पारियां
विद्यालय दो पारियों में संचालित है। इसकी वजह यह नहीं कि नामांकन अधिक है। कक्षा एक से दसवीं तक कुल 102 विद्यार्थी ही हैं लेकिन इनके एक साथ बैठने के लिए कक्षा-कक्ष नहीं है। मजबूरी में विद्यालय दो पारियों में संचालित है। कक्षा एक से पांचवीं तक 28 एवं कक्षा 6 से दसवीं तक 74 विद्यार्थी हैं।

सुभाष माध्यमिक विद्यालय भवन
किराए के भवनों में राष्ट्रीय माध्यमिक शिक्षा अभियान एवं सर्व शिक्षा अभियान की ओर से ना तो नए कक्षा-कक्ष की मंजूरी मिलती है ना मरम्मत के लिए बजट। किराए के भवन वाले विद्यालयों में विकास भामाशाह एवं जनसहयोग से ही संभव है।

कुछ भवन मालिक न्यायालय की शरण में है। भवन की यथास्थिति बनाए रखना भी जरूरी हो गया है। चटाई गंज स्थित राजकीय सुभाष माध्यमिक विद्यालय भवन की स्थिति इतनी दयनीय है कि बारिश में कभी भी भवन धराशायी हो सकता है।