script…तो क्या मंत्रिमण्डल में भी होंगे चौंकाने वाले नाम | ...then will the cabinet also have shocking names? | Patrika News

…तो क्या मंत्रिमण्डल में भी होंगे चौंकाने वाले नाम

locationजयपुरPublished: Dec 29, 2023 04:44:55 pm

Submitted by:

rajesh dixit

सीएम नाम चयन में भी हुई थी देरी, आया था चौंकाने वाला नाम
कहीं मंत्रिमण्डल में देरी का कारण यह तो नहीं

bjp_mla_group_photo_1.jpg
जयपुर। राजस्थान में मंत्रिमण्डल गठन में जितनी देरी हो रही है,उतना ही सियासी गलियारों में चर्चाओं का बाजार गर्म है। पहले सीएम के नाम में भी काफी देरी की थी। उस समय सीएम के लिए दस से अधिक नाम चर्चाओं में आए थे और भाजपा आलाकमान में एकदम नया नाम सामने लाकर सभी राजनीतिक पंडितों को फेल कर दिया था। अचानक चौंकाने वाला नाम सीएम के लिए आने से अब चर्चा चल रही है कि क्या मंत्रिमण्डल गठन में भी चौंकाने वाले नाम आएंगे।
कई दिग्ग्ज कतार में
वर्तमान में कई दिग्गज मंत्रिमण्डल की कतार में हैं। कोई जाति के आधार पर उम्मीद लगाए हुए हैं तो कोई क्षेत्र के आधार पर अपनी पैरवी कर रहा है। इसके अलावा पहली बार बने विधायक को सीएम बनाए जाने से यह भी उम्मीद लग रही है कि कुछ नाम ऐसे भी सामने आ सकते हैं जो पहली बार ही विधायक बने हैं। इन्हें मंत्रिमण्डल में शामिल किया जा सकता है।
नाम के साथ-साथ पोर्टफोलियो की भी उम्मीद
जहां कई विधायक अपने मंत्रिमण्डल में शामिल होने की उम्मीद लगाए हुए हैं,वहीं कुछ ऐसे भी विधायक हैं जो मंत्री के साथ-साथ प्रमुख मंत्रालय चाहते हैं। वे राज्यमंत्री की जगह केबिनेट में शामिल होना चाहते हैं।
एक सवाल यह भी, आखिर कितने बनेंगे मंत्री
राजस्थान की बात करें तो यहां तीस मंत्री बनाए जा सकते हैं। इनमें से एक मुख्यमंत्री व दो उपमुख्यमंत्री बन चुके हैं। उपमुख्यमंत्रियों को कौनसा विभाग दिया जाएगा,यह अभी तय नहीं है। तीन मंत्री बनने के बाद अब 27 मंत्री बन सकते हैं। चर्चा यह भी चल रही है कि मंत्रिमण्डल में एक साथ 27 मंत्री बनाए जाएंगे या फिर दो चरणों में मंत्रिमण्डल विस्तार होगा।
लोकसभा चुनाव पर विशेष फोकस
भाजपा के लिए सबसे बड़ी चिंता यह भी है कि इस बार भी राजस्थान में लोकसभा चुनाव में 25 में से 25 सीटें जीतना चाहती है। पिछले दो चुनाव में भाजपा ने सभी सीटें हासिल की हैं। हालांकि वर्ष 2019 के लोकसभा चुनाव एक सीट पर नागौर में रालोपा के गठबंधन किया था। ऐसे भी दोनों चुनाव में भाजपा का ही दबदबा रहा है। इस बार भी भाजपा कोई रिस्क नहीं लेना चाहती। मंत्रिमण्डल गठन में भी भाजपा यही रणनीति अपना सकती है। इस कारण भी जाति,क्षेत्र के साथ-साथ लोकसभा की सभी सीटों को जीतने वाले गणित के अनुसार ही मंत्रिमण्डल का गठन किया जाएगा।

ट्रेंडिंग वीडियो