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Home Loan : कई तरह के होते हैं होमलोन, अपनी जरूरत को ध्यान में रखकर चुनिए

अपना घर वित्तीय सुरक्षा, आयकर में राहत, इमरजेंसी में सपोर्ट सिस्टम के साथ—साथ अपनी पसंद के हिसाब से रहने की आजादी देता है।

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Home Loan

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अपना घर वित्तीय सुरक्षा, आयकर में राहत, इमरजेंसी में सपोर्ट सिस्टम के साथ—साथ अपनी पसंद के हिसाब से रहने की आजादी देता है। देश में अधिकतर लोग मध्यमवर्गीय परिवारों से हैं, इसलिए उनके पास नौकरी करने के बावजूद भी इतने पैसे नहीं होते है, जिससे वह अपने लिए एक अच्छा घर बना सके। इस स्थिति में उन्हें लोन लेने के लिए बैंकों के पास जाना पड़ता है। होम लोन लेने का सबसे बड़ा कारण यह है कि हमारे देश में जो भी प्रोपर्टी है उनकी कीमते बहुत अधिक हैं, जिसके कारण लोगों के लिए घर, जमीन, बिल्डिंग खरीदना आसान नहीं रहता है। लोगों की आय और बचत इतनी अधिक नहीं रहती है कि वे एक बार में ही घर या जमीन के पूरे पैसे दे सकें, तब उन्हें जरुरत पड़ती है होमलोन की।

होम परचेज लोनलोन

अगर आप अपना घर बनाना चाहते हैं, तो होम परचेज लोन ले सकते हैं। इसमें प्लॉट की कीमत के साथ-साथ घर बनाने की लागत भी शामिल हो सकती है। प्लॉट की कीमत तभी शामिल होती है, जब इसे खरीदने के एक साल के भीतर लोन लिया जाता है। अगर आप नई प्रॉपर्टी खरीद रहें हैं तो बैंक से 90 फीसदी तक लोन मिल सकता हैं। बैंक आसानी से 80 फीसदी तक लोन दे देते हैं। लोन की अवधि 20 से लेकर 30 साल तक हो सकती है।

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टॉप-अप होम लोन

अगर आप अपने पिछले होमलोन की शर्तों या ब्याजदर या लोन देने वाली संस्था के साथ खुश नहीं हैं तो अपना होमलोन दूसरे बैंक में ट्रांसफर भी करा सकते हैं। ज्यादातर बैंक होमलोन ट्रांसफर की सुविधा देते हैं। एक बार लोन ट्रांसफर होने के बाद आपको नए बैंक की ब्याजदर व नियमों के मुताबिक लोन की किस्तें चुकानी पडेंगी। हालांकि, लोन ट्रांसफर के लिए नया बैंक कुछ चार्ज भी लेगा।

होम इम्प्रूवमेंट लोन

आप अपने पुराने मकान में ही कोई नया सुधार करवाना चाह रहे हैं। जैसे कि बाथरूम बनवाना है, किचन बनवाना है या गैराज या कमरा बनवाना है तो उसके लिए भी होमलोन ले सकते हैं। इसे होम एक्सटेंशन लोन कहते हैं। इसी प्रकार अपने घर के किसी हिस्से की मरम्मत करवाना चाहते हैं तो उसके लिए भी होम इम्प्रूवमेंट लोन मिलता है।

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ब्रिज होम लोन

अगर आप अपना पुराना मकान बेचने से पहले नया मकान ले लेना चाहते हैं तो इसके लिए बैंक ब्रिज लोन भी देते हैं। आपके पुराने घर के आधार पर बैंक, कुछ रकम आपको लोन के रूप में जारी करता है ताकि, नए मकान के लिए डाउन पेमेंट और शुरुआती खर्चे आप निपटा सकें। पुराना घर बिकने पर आप नए मकान की कीमत भुगतान कर देते हैं और बैंक से मिले ब्रिज लोन को ब्याज व अन्य खर्चों सहित लौटा देते हैं। ब्रिज लोन कुछ समय के लिए ही मिलता है और इसकी ब्याजदर सामान्य होमलोन के मुकाबले काफी ज्यादा होती है।

लैंड परचेज लोन

अगर आप अभी मकान खरीदने या बनवाने नहीं भी सोच रहे हैं तो उसके लिए जमीन खरीदकर डाल सकते हैं। बैंक ऐसी जमीन खरीदने के लिए भी होमलोन देते हैं और उस पर आप बाद में मकान बनवाएं ही, ऐसा भी जरूरी नहीं है। आप उसे निवेश के रूप में भी खरीद सकते हैं और बाद में अच्छे दाम पर बेच भी सकते हैं।

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ज्वाइंट होम लोन लेने पर ज्यादा रकम

जब आप एक ऐसे व्यक्ति के साथ मिलकर जॉइंट होम लोन लेते हैं, जिसका क्रेडिट स्कोर मजबूत है और उसकी भुगतान करने की क्षमता अच्छी है, तो लोन लेने में आसानी रहती है। इसके अलावा ज्वाइंट होम लोन लेने पर आपको ज्यादा लोन मिल सकता है, क्योंकि बैंक दोनों आवेदकों की इनकम को ध्यान में रखकर लोन देगा।

बेहतर सिबिल स्कोर से होमलोन आसान

होम लोन की शुरुआती ब्याज दर पर लोन आपको तभी मिलता है, जब आपका सिबिल स्कोर यानी क्रेडिट स्कोर शानदार हो। सिबिल स्कोर 300 से 900 प्वाइंट्स के बीच कैलकुलेट किया जाता है। जानकारों के मुताबिक, आपका सिबिल स्कोर कम से कम 750 से ऊपर हो तो आपको लोन आसानी से मिल जाता है।

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एनआरआई होम लोन

विदेश में रहने वाले नागरिकों को भी, भारत में प्रॉपर्टी खरीदने व बनवाने के लिए होमलोन बैंक देते हैं। इसके लिए आवेदक के पास नॉन रेजिडेंट इंडियन, पर्सन आफ इंडियन ओरिजिन, ओवरसीज सिटिजन आफ इंडिया, खुद के एनआरआई होने के प्रमाण के रूप में उपयुक्त पासपोर्ट, वीजा, नियोक्ता पहचान पत्र, वर्क परमिट, विदेश का निवास प्रमाण पत्र, वगैरह प्रस्तुत करने पड़ते हैं।

होम लोन के कुछ नुकसान भी

होम लोन लंबी अवधि के लिए होते हैं, इसलिए एक सामान्य व्यक्ति उस बीच किसी अन्य प्रकार का लोन नहीं ले सकता है, क्योकि उसकी आय का अधिकांश भाग ऋण चुकाने में चला जाता है। होम लोन में आपकी सम्पति ऋणदाता के अधीन होती हैं, लोन न चुका पाने की स्थिति में आप अपनी सम्पति को गंवा सकते हैं।

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होमलोन का गणित

आमतौर पर बैंक आपकी कुल मासिक आय के 40 फीसदी रकम को व्‍यक्तिगत खर्च के लिए जरूरी मानते हैं। इसके बाद बची रकम के हिसाब से होम लोन दिया जाता है। मसलन, अगर आपकी मासिक आमदनी 60,000 रुपए है तो बैंक यह मानता है कि आपका पर्सनल खर्च 25,000 रुपए महीना होगा। अगर आपने कार या पर्सनल लोन जैसा कोई और लोन नहीं लिया है तो आप 20 साल के लिए 9 फीसदी सालाना ब्याज दर पर होम लोन के रूप में 35 से 40 लाख रुपए तक पा सकते हैं।

कई तरह के होते है होमलोन...

घर खरीदने के लिए होमलोन
घर बनवाने के लिए होमलोन
जमीन खरीदने के लिए होमलोन
घर की मरम्मत के लिए होमलोन
घर में कुछ नया जुड़वाने को होमलोन
पुराने लोन पर ही, अतिरिक्त होमलोन जुडवाना
नए घर के लिए कम पड रही रकम के लिए छोटा होमलोन
जमीन खरीदने व घर बनवाने को एकसाथ होमलोन
एक से अधिक लोगों को साझा होमलोन
विदेश में बस गए भारतीयों के लिए होमलोन
एक बैंक के होमलोन का दूसरे बैंक में ट्रांसफर