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राजधानी में अगले तीन दिन “बाल मुद्दों” पर होगा मंथन

डिजिटल बाल मेला और यूनिसेफ की ओर से शुरू किए गए अभियान "मैं भी बाल सरपंच" के तहत 25 से 27 दिसंबर को गुलाबी नगरी में प्रदेश के सभी संभागों की आवाज बुलंद होगी। मौका होगा राजधानी जयपुर में आयोजित होने वाली "तीन दिवसीय बाल पंचायत" का।

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राजधानी में अगले तीन दिन "बाल मुद्दों" पर होगा मंथन

राजधानी में अगले तीन दिन "बाल मुद्दों" पर होगा मंथन

जयपुर। डिजिटल बाल मेला और यूनिसेफ की ओर से शुरू किए गए अभियान "मैं भी बाल सरपंच" के तहत 25 से 27 दिसंबर को गुलाबी नगरी में प्रदेश के सभी संभागों की आवाज बुलंद होगी। मौका होगा राजधानी जयपुर में आयोजित होने वाली तीन दिवसीय "बाल पंचायत" का। इस बाल पंचायत में प्रदेश के 7 संभागों के 30 बाल प्रतिनिधि शामिल होंगे। इन प्रतिनिधियों को वहा की बाल पंचायत ने पिछले दिनों अपना प्रतिनिधि चुना था। ये सभी बाल प्रतिनिधि बाल सरपंच, उपसरपंच और बाल पंच के रूप में राज्य स्तर पर होने वाली पहली "बाल पंचायत" में अपनी बात रखेंगे।

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त्रि–दिवसीय बाल पंचायत की शुरुआत 25 दिसम्बर से की जाएगी। जिसमें राजनीति की समझ रखने वाले दिग्गज इन बच्चों से संवाद करेंगे। साथ ही इन बच्चों के लिए एक प्रशिक्षण कार्यक्रम भी आयोजित किया जाएगा। अगले दिन 26 दिसंबर को इन बाल सरपंचों को विधानसभा के ऐतिहासिक संग्रहाल, पंचायती राज भवन और अल्बर्ट हॉल का विजिट कराया जाएगा। जहां ये "बाल प्रतिनिधि" राजस्थान के राजनीतिक इतिहास और दिग्गज नेताओं के बारे में जानेंगे। इस "त्रि–दिवसीय बाल पंचायत" के आखिरी दिन 27 दिसम्बर को बच्चे "बाल आयोग" भवन देखेंगे व इसकी कार्यप्रणाली समझेंगे। साथ ही इस दिन वे जयपुर के प्रसिद्ध हवामहल को भी देखेंगे।

15 अगस्त से शुरू हुआ था अभियान
बता दें कि यह सभी "बाल सरपंच" राजस्थान की विभिन्न पंचायतों से चुनकर आए हैं। 15 अगस्त को शुरु किए गए इस अभियान "मैं भी बाल सरपंच" में राजस्थान के 7 संभागों की 10 ग्राम पंचायत में इन "बाल पंचायत" का आयोजन किया गया। इनमें 50 से भी ज्यादा विद्यालय के 5000 बच्चे जुड़े थे। डिजिटल बाल मेला की जान्हवी शर्मा ने बताया "बाल सरपंच" अधिवेशन का मकसद बच्चों के विचारों को सरकार तक पहुंचाना है।