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राजस्थान चुनावः नाराज कांग्रेस के इन नेताओं ने छोड़ा हाथ का साथ, आने वाले दिनों में कई और असंतुष्ट दल बदलने के इच्छुक

Rajasthan Assembly Election 2023 : विधानसभा चुनाव में टिकट नहीं मिलने से नाराज भाजपा-कांग्रेस के असंतुष्ट नेताओं ने टिकट पाने के लिए दूसरे दलों की राह पकड़ ली है। भाजपा के मुकाबले कांग्रेस में असंतुष्ट नेताओं के दूसरे दलों में जाने के मामले ज्यादा सामने आए हैं।

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These Angry Leaders Left Congress Party Before Rajasthan Assembly Election 2023

Rajasthan Assembly Election 2023 : जयपुर। विधानसभा चुनाव में टिकट नहीं मिलने से नाराज भाजपा-कांग्रेस के असंतुष्ट नेताओं ने टिकट पाने के लिए दूसरे दलों की राह पकड़ ली है। भाजपा के मुकाबले कांग्रेस में असंतुष्ट नेताओं के दूसरे दलों में जाने के मामले ज्यादा सामने आए हैं। शनिवार को जयपुर की पूर्व महापौर और कांग्रेस से लोकसभा प्रत्याशी रहीं ज्योति खंडेलवाल ने भी टिकट नहीं मिलने से नाराज होकर भाजपा का दामन थाम लिया।

इससे पहले पं सुरेश मिश्रा भी कांग्रेस छोड़कर भाजपा में शामिल हो चुके हैं। कांग्रेस पार्षद उमरदराज भी आम आदमी पार्टी में शामिल हो गए हैं। पूर्व विधायक रामचंद्र सराधना भी कांग्रेस छोड़ आजाद समाज पार्टी में शामिल हो गए। बताया जा रहा है कि आने वाले दिनों में शहर कांग्रेस के कई और नेता भी भाजपा और अन्य दलों में जाकर चुनाव लड़ने के इच्छुक हैं। नाराज नेताओं को मनाने के खूब प्रयास किए गए लेकिन मनुहार काम नहीं आई। इधर असंतुष्टों के दूसरे दलों में जाकर चुनाव लड़ने से पार्टी को भी नुकसान होने की बात कही जा रही है।

ज्योति खंडेलवाल
ज्योति खंडेलवाल पूर्व में जयपुर की निर्वाचित महापौर रही हैं। वर्ष 2019 में हुए लोकसभा चुनाव में उन्हें कांग्रेस ने जयपुर से प्रत्याशी बनाया था। हालांकि उन्हें हार का सामना करना पड़ा था। माना जा रहा है कि भाजपा ज्योति को यदि टिकट देकर चुनाव में उतारती है तो कांग्रेस प्रत्याशियों के सामने मुश्किल खड़ी हो सकती है। वैश्य समाज से आने वाले मोहनलाल गुप्ता लगातार यहां से तीन बार विधायक रह चुके हैं।

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रामचंद्र सराधना
विराट नगर से टिकट की दावेदारी कर रहे पूर्व विधायक रामचंद्र सराधना ने भी टिकट वितरण से नाराज होकर कांग्रेस छोड़ आजाद समाज पार्टी में शामिल हो गए। चर्चा है कि वे भी आजाद समाज पार्टी और रालोपा गठबंधन के बैनर तले विराट नगर से कांग्रेस प्रत्याशी इंद्राज गुर्जर के सामने चुनाव लड़ेंगे। सराधना जमवारामगढ़ से लगातार दो बार विधायक रह चुके हैं।

पंडित सुरेश मिश्रा
सुरेश मिश्रा 2008 के विधानसभा चुनाव में सांगानेर से कांग्रेस के टिकट पर चुनाव लड़ चुके हैं, हालांकि उन्हें हार का सामना करना पड़ा था। इस बार भी मिश्रा सांगानेर से ही टिकट मांग रहे थे, लेकिन पार्टी ने दूसरी बार पुष्पेंद्र भारद्वाज पर दांव खेला, जिससे नाराज होकर मिश्रा कांग्रेस का दामन छोड़कर भाजपा में शामिल हो गए। मिश्रा को पूर्व डिप्टी सीएम सचिन पायलट का बेहद करीबी माना जाता है।

रामलाल चौधरी
प्रदेश कांग्रेस के सचिव रहे रामलाल चौधरी सांगानेर से दावेदारी कर रहे थे, पुष्पेंद्र भारद्वाज को टिकट दिए जाने के बाद उन्होंने पार्टी छोड़कर बसपा का दामन थाम लिया। वे बसपा के टिकट पर सांगानेर से चुनाव मैदान में उतरने की तैयारी कर रहे हैं।

पार्षद उमरदराज
लगातार चार बार से कांग्रेस पार्षद उमरदराज रफीक खान को बाहरी उम्मीदवार बताते हुए खुद दावेदारी कर रहे थे। टिकट वितरण से नाराज होकर उन्होंने पार्टी छोड़ दी और अब आप पार्टी में शामिल हो गए हैं। वे आप के टिकट पर आदर्श नगर से चुनाव मैदान में उतर सकते हैं।