
- शादाब अहमद
जयपुर। विधानसभा चुनाव की तारीख जैसे-जैसे नजदीक आ रही है वैसे-वैसे ही प्रदेश की राजनीति की चुनावी तस्वीर भी साफ होती जा रही है। संयुक्त तीसरे मोर्चे (Third Front in Rajasthan) का दंभ भरने वाले नेता अब इसको लेकर किनारे करते दिख रहे हैं। तीसरे मोर्चे का दावा भरने वाले नेताओं के अब तक दो धड़े बन चुके हैं। फिलहाल इन दोनों ने एक दूसरे के नजदीक आने के लिए औपचारिक तो दूर अनौपचारिक बातचीत भी नहीं की है। उधर, बसपा, आप और अभिनव राजस्थान पार्टी ने उमीदवार घोषित करना शुरू कर दिया है।
बसपा, माकपा, आप, भारत वाहिनी के नेता हो या फिर हनुमान बेनीवाल (Hanuman Beniwal) हर कोई इस बार के चुनाव में मजबूत संयुक्त तीसरे मोर्चे का दावा और एक-दूसरे को साथ लेकर चलने की वकालत करते रहे थे। नामांकन दाखिल करने की तारीख में महज छह दिन बाकी है और फिलहाल अन्य दलों के नेता बिखरे-बिखरे नजर आ रहे हैं। बसपा और आप ने तो लगभग स्पष्ट भी कर दिया है कि वह अकेले ही चुनाव में उतर रहे हैं। हालांकि उनके नेता अब भी गठबंधन के लिए दरवाजे खुले होने की बात कर रहे हैं।
पूर्व प्रधानमंत्री एच.डी.देवेगौड़ा ने जयपुर आकर लोकतांत्रिक मोर्चे का गठन किया था। इसमें जनता दल एस, समाजवाटी पार्टी, भाकपा, माकपा, माकपा माले व राष्ट्रीय लोकदल शामिल हुए थे। करीब एक महीने की मशक्कत के बावजूद इस मोर्चे से बसपा, आप, भारत वाहिनी पार्टी नहीं जुड़ सकी। इसी बीच मोर्चे ने चुनाव के लिए किसान नेता अमराराम को नेता चुन कर उन्हें मुयमंत्री पद का दावेदार घोषित कर दिया। इसके बाद 29 अक्टूबर को निर्दलीय विधायक हनुमान बेनीवाल ने बड़ी रैली कर राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी (आरएलपी) बनाई और तीसरा मोर्चा बनाने की घोषणा की। उनकी इस रैली में भारत वाहिनी पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष घनश्याम तिवाड़ी ने हनुमान बेनीवाल के साथ मिलकर चुनाव लडऩे की घोषणा कर दी। करीब एक सप्ताह गुजरने के बाद इनके साथ भी कोई अन्य दल अब तक नहीं जुड़ सका है। वहीं समाजवादी पार्टी और राष्ट्रीय लोकदल को लेकर असमंजस बना हुआ है। यह दोनों दल लोकतांत्रिक मोर्चे में पहले से शामिल है और 29 अक्टूबर को बेनीवाल के साथ भी रहे।
माकपा ने भी अपने पत्ते खोल दिए हैं और प्रदेश में 29 सीटों पर चुनाव लडऩे की घोषणा की है। इसमें अधिकांश सीट सीकर, झुंझुनूं, चूरू, श्रीगंगानगर और हनुमानगढ़ जिले की है। इनके अलावा कोटा की पीपल्दा, डूंगरपुर, झाड़ोल और कपासन समेत कुछ अन्य सीटों पर भी माकपा अपने उमीदवार खड़े करेगी। प्रत्याशियों के नामों की घोषणा जल्द हो जाएगी।
बसपा नेताओं के साथ आरएलपी संयोजक हनुमान बेनीवाल और लोकतांत्रिक मोर्चे के संयोजक अमराराम की अपने-अपने मोर्चे में शामिल करने की बातचीत हो चुकी है। बसपा ने फिलहाल दोनों को ही जवाब नहीं दिया है। कॉमरेड अमराराम ने बसपा को मोर्चे में शामिल होने का न्योता दिया है। हालांकि बसपा नेताओं ने स्पष्ट कर दिया है कि इसका फैसला बसपा प्रमुख मायावती ही करेंगी।
Published on:
06 Nov 2018 10:10 am
