
सिटी बसों में कैमरे लगाते समय जेसीटीएसएल से हुई ये बडी चूक
जयपुर. शहर में चल रही सिटी बसों में महिलाओं, कॉलेज जाने वाली लड़कियों से होने वाली छेड़छाड़ को रोकने और बस में चोरी की घटनाओं पर लगाम लगाने के लिए जेसीटीएसएल की ओर से बसों में सीसीटीवी कैमरा लगाने की योजना शुरू की गई थी। इसके तहत 8 महीने पहले की इस योजना के तहत करीब 100 बसों में सीसीटीवी कैमरा लगाए गए, लेकिन जिस उद्देश्य से यह कैमरा लगाए गए वह उद्देश्य ही पूरा ही नहीं हो रहा।
दरअसल, बसों में लगे कैमरा के बारे में लोगों के बीच अवेयरनैस नहीं हैं। आलम यह है कि घटना के बाद लोगों को जब सीसीटीवी कैमरा के बारे में पता चलता है तब तक सीसीटीवी फुटेज मिट चुकी होती है। क्योंकि सीसीटीवी फुटेज का रिकॉर्ड सिर्फ एक ही दिन के लिए होता है, ऐसी घटनाओं की जांच के लिए कम से कम तीन दिन का तो रिकॉर्ड होना ही चाहिए। अधिकारियों ने बताया कि छह महीनों में महज 6 से 7 ही शिकायत आई हैं, इनमें महिला छेड़छाड़ की एक भी शिकायत नहीं है।
अन्य बसों में भी
जेसीटीएसएल अधिकारियों ने बताया कि सीसीटीवी कैमरा अभी सिर्फ 100 बसों में ही लगा है। अन्य 280 बसों में भी सीसीटीवी कैमरे लगाने की योजना है। इसके लिए टेंडर जारी किया जाएगा।
पुलिस करे मॉनिटरिंग
शहर में चल रही बसों के सीसीटीवी कैमरा की मॉनिटरिंग उनकी डिपो में ही की जाती है, जबकि कोई घटना होती है तो उसकी शिकायत पुलिस को की जाती है। इसलिए घटना पर तुरंत एक्शन लिया जा सके, इसके लिए बस डिपो के साथ-साथ ट्रेफिक पुलिस भी इसकी मॉनिटरिंग करें तो घटना की जांच होकर जल्दी ही कार्रवाई हो सकेगी। इसके अलावा अभी सिर्फ एक ही दिन की फुटेज का रिकॉर्ड रखा जा रहा है। जबकि १५ दिन का रिकॉर्ड होना चाहिए।
फैक्ट फाइल
-100 बसों में सीसीटीवी कैमरे की सुविधा
-1 दिन की ही फुटेज का रहता रिकॉर्ड, 15 दिन का होना चाहिए रिकॉर्ड
-बस डिपो से होती है सीसीटीवी कैमरे की मॉनीटरिंग
सिटी बसों में सीसीटीवी कैमरे लगे हों और उनकी मॉनिटरिंग सीधे पुलिस करे तो बस में होने वाली घटनाओं पर नजर रखी जा सकती है। इससे बसों में आए दिन होने वाली मोबाइल चोरी की घटनाएं रुक सकेंगी। साथ ही बस में अनुशासन भी बनेगा। -सोनू सैनी, स्टूडेंट
Published on:
02 Jul 2018 06:32 pm
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