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इस यंग आईपीएस ने कुछ ऐसा किया कि पूरा शहर कायल हो गया

This young IPS did something that the whole city was convinced...

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आईपीएस का तबादला

जयपुर Ips Mradul kachawa मोबाइल फोन खोने पर दिमाग में सबसे पहला विचार शायद यही आता है कि अब तो ये फोन शायद ही मिले...। पुलिस को सूचना भी देते हैं लेकिन पुलिस वाले भी अनमने मन से मिसिंग दर्ज कर आपको एक पर्ची पकडा देते हैं और आप उस पर्ची को लेकर थाने से बाहर नया मोबाइल खरीदने का प्लान करते हुए आते हैं। दस में से नौ केस में अक्सर यही होता है। लेकिन राजस्थान के धौलपुर जिले की कमान संभालने वाले आईपीएस मृदुल कच्छावा इस धारणा को गलत साबित करने में लगे हुए हैं और सफल भी हो रहे हैं।

दरअसल आईपीएस कच्छावा ने अपनी टीम को चुनौती दी कि मिसिंग फोन की तलाश भी उसी तरह से कि जाए जिस तरह से आइपीसी के अन्य अपराध जांचे जाते हैं। इसका असर भी देखने को मिला। टीम ने कुछ ही दिन में पचास स्मार्ट फोन तलाश कर लिए जो लोगों के गुम या चोरी हुए थे। खोये हुए मोबाइल के यकायक मिलने पर लोगों की खुशी देखते हुए बन रही थी। पुलिस अधीक्षक कार्यालय में कई लोगों को उनके खोये हुए मोबाइलों को जिला पुलिस अधीक्षक मृदुल कच्छावा ने सौंपा। पुलिस की साइबर टीम ने विशेष अभियान के तहत गुम हुए 50 मोबाइलों को बरामद किया है। इनकी कीमत करीब 5.70 लाख रुपए बताई जा रही है। एसपी ने बताया कि वर्तमान में प्रत्येक व्यक्ति के लिए मोबाइल आवश्यक वस्तु बन गया है।

उनके कार्य से जुड़ी कई फाइलें भी मोबाइल में ही होती हैं। मल्टीमीडिया एन्ड्रायड मोबाइल काफी महंगे आते हैं। इनके गुम होने पर लोगों के सामने बड़ी समस्या खड़ी हो जाती है। उन्होंने बताया कि फोन गुम होने पर संबंधित व्यक्ति थाने में रपट डलवा देते हैं। पुलिस भी इसको लेकर ज्यादा ध्यान नहीं देती हैं। इन मोबाइलों की तलाश के लिए साइबर सेल के जरिए विशेष अभियान चलाया गया। इसके तहत अभी तक 50 गुम मोबाइल बरामद किया गया। टीम में हैड कांस्टेबल राजकुमार मीणा, कांस्टेबल विजय सिंह, नरेन्द्र चौधरी, भूरा सिंह, रामू व आरएसी कांस्टेबल नीरज शामिल थे।