
थॉमस कुक ने रोका कारोबार
कंपनी के अचानक बंद होने से छुट्टियां मनाने घर से निकले करीब 1.50 लाख लोग जहां-तहां फंस गए हैं। दुनियाभर में इसके 22 हजार कर्मचारियों की नौकरी भी संकट में आ गई है। इनमें से 9000 कर्मचारी ब्रिटेन में हैं। कंपनी ने कहा कि कारोबार जारी रखने के लिए उसे 25 करोड़ अमेरिकी डॉलर की जरूरत है, जबकि पिछले महीने कंपनी 90 करोड़ पाउंड हासिल करने में कामयाब रही थी। निजी निवेश जुटाने में असफल रही कंपनी को सरकार के हस्तक्षेप से ही बचाया जा सकता था।
थॉमस कुक ने 1841 के ट्रैवल इंडस्ट्री में कदम रखते हुए कंपनी की स्थापना की थी। वह ब्रिटेन के शहरों के बीच टेंपरेंस सपॉर्टर्स को ट्रेन के जरिए पहुंचाता था। जल्द कंपनी विदेशी ट्रिप्स कराने लगी। 1855 में कंपनी पहली ऐसी ऑपरेटर बनी, जो ब्रिटिश यात्रियों को एस्कॉर्ट ट्रिप पर यूरोपीय देशों में ले जाती थी। इसके बाद 1866 में कंपनी अमेरिका ट्रिप सर्विस देने लगी और 1872 में पूरी दुनिया के टूर सर्विस देने लगी।
भारत पर नहीं होगा असर
थॉमस कुक इंडिया की ओर से शनिवार को कहा गया कि यह ब्रिटेन बेस्ड थॉमस कुक पीएलसी से संबंधित नहीं है। कंपनी ने जोर देकर कहा कि थॉमस कुक इंडिया पूरी तरह अलग एंटिटी है, जिसका स्वामित्व कनाडा की फेयरफैक्स फाइनेंशल होल्डिंग्स के पास है। ब्रिटेन की कंपनी थॉमस कुक पीएलसी के बंद होने का भारतीय कंपनी पर असर नहीं होगा। गौरतलब है कि 2012 में थॉमस कुक यूके ने थॉमस कुक इंडिया की हिस्सेदारी फेयरफैक्स को बेच दी थी।
Published on:
23 Sept 2019 07:57 pm
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