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राजस्थान में अवैध बांग्लादेशी और रोहिंग्या हजार पार, पश्चिम बंगाल से होगी वतन वापसी; जानें जिलेवार कितने?

राजस्थान में अवैध रूप से रह रहे बांग्लादेशियों-रोहिंग्याओं की संख्या एक हजार पार पहुंच गई है।
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जयपुर

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Lokendra Sainger

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Updated: 17 May 2025, 10:31 AM IST

Illegal Bangladeshis and Rohingyas

File Photo

राजस्थान में अवैध रूप से रह रहे बांग्लादेशियों-रोहिंग्याओं की संख्या एक हजार पार पहुंच गई है। इनमें से उन लोगों की भी बड़ी संख्या है, जो वर्षों से यहां अवैध रूप से रह रहे थे। पहले चरण में करीब डेढ़ सौ लोगों को विशेष विमान से पश्चिम बंगाल भेज दिया। एक-दो दिन में कुछ और लोगों को वापसी के लिए भेजने की तैयारी है। पश्चिम बंगाल से सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) के माध्यम से इनकी वतन वापसी होगी।

बांग्लादेश और म्यांमार से अवैध रूप से आए इन लोगों में से बड़ी संख्या में यहां परिवार सहित रह रहे थे। इनमें से बड़ी संख्या में महिलाएं यहां रहने वाले परिवारों के घर घरेलू कामकाज कर रहीं थी। इनके अलावा पुरुष कबाड़ी, खान मजदूरी, ईंट-भट्टों में मजदूरी, कचरा बीनने या बेलदारी जैसे काम कर रहे थे। कुछ की अपराधों में भी लिप्तता सामने आती रही है।

341 बच्चे भी शामिल

वापसी के लिए चिन्हित 1001 बांग्लादेशियों रोहिंग्याओं में 341 बच्चे और 284 महिलाएं भी शामिल हैं। शेष 376 पुरुष हैं। इनको चरणबद्ध तरीके से भेजा जाएगा।

यहां मिले कम

दौसा- 05
डीडवाना-कुचामन- 04
करौली- 03
बीकानेर- 02
कोटा- 02
पाली- 01

टॉप 5 जिले

डीडवाना-कुचामन- 394
जयपुर- 218
अलवर- 103
कोटपूतली-बहरोड- 117
भिवाड़ी- 67

लगातार कड़ी निगरानी

अवैध रूप से रह रहे इन बांग्लादेशियों-रोहिंग्याओं की वापसी की प्रक्रिया की गृह विभाग निगरानी कर रहा है। इनको रखने के लिए हर जिले में होल्डिंग सेंटर बनाए गए हैं।

14 जिलों से चिह्नित

इन लोगों को प्रदेश के 14 जिलों से चिन्हित किया है, जिनमें एक तिहाई से अधिक सीकर में पकड़े गए। सीकर जिले में अवैध रूप से रहने वाले 148 लोगों को वापस भेजा जा रहा है।

ऐसे शुरू हुआ वापसी का अभियान

-30 अप्रैल: सरकार ने अवैध बांग्लादेशियों-रोहिंग्याओं के खिलाफ अभियान शुरू करने के निर्देश दिए

-8 मई: केन्द्रीय गृह मंत्रालय ने प्रत्यर्पण के लिए हर जिले में विशेष टास्क फोर्स व होल्डिंग सेंटर बनाने को कहा

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