
जयपुर। एक तरफ सरकार स्वच्छ भारत अभियान के तहत घर-घर शौचालय बनाने का अभियान चला रही है। वहीं दूसरी ओर नेशनल हाईवे अथॉरिटी की ओर से राष्ट्रीय राजमार्ग एवं राजमार्ग पर स्थित मुख्य बस स्टॉप पर शौचालय के अभाव में वाहन चालकों एवं यात्रियों को भयंकर परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। राजमार्ग पर वाहन चालक एवं यात्री इधर-उधर खुले में लघु शंका करने को मजबूर हैं, जिससे गंदगी के साथ-साथ पर्यावरण को भी नुकसान हो रहा है।
गौरतलब है की हाईवे प्रबंधन की ओर से जयपुर स्थित 14 नंबर पुलिया से रींगस तक करीब 53 किमी की दूरी के सफर में मात्र दो स्थानों पर शौचालय बने हुए हैं। इनमें एक हाड़ौता चौराहे के पास ट्रक ले बाय पर शौचालय बना हुआ है एवं दूसरा तांतेड़ा मोड़ पर है, लेकिन ये शौचालय लंबे समय से बंद पड़े हैं। यही नहीं उदयपुरिया मोड़ बस स्टॉप पर भी शौचालय नहीं है। इस कारण वाहन चालकों एवं यात्रियों को खुले में लघुशंका के लिए जाना पड़ रहा है। खासकर महिलाओं एवं युवतियों को खासी परेशानी का सामना करना पड़ता है। महिलाएं शर्मसार हो रही हैं।
सुविधाओं पर नहीं ध्यान
खाटू श्याम बाबा का मेला शुरू हो चुका है। जयपुर सहित आसपास के गांवों एवं दूरदराज इलाकों से हाईवे से होकर पदयात्री खाटू धाम पहुंच रहे हैं। पदयात्रियों के लिए प्रशासन एवं समाजसेवी संस्थाओं, ट्रस्ट, मंडलों द्वारा खाने-पीने, विश्राम, चिकित्सा आदि की सुविधाएं उपलब्ध करवा रहे हैं। ग्रामीणों ने बताया कि दूसरी तरफ हाईवे प्रबंधन द्वारा टैक्स के रूप में भारी-भरकम राशि वसूलने के बाद भी राजमार्ग पर मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध नहीं कराई जा रही हैं। इधर पद यात्रियों पुरुषों के साथ ही बड़ी संख्या में महिलाएं एवं युवतियां भी शामिल होती हैं, जिन्हें सुविधाओं के अभाव में खुले में जाना पड़ रहा है, जिससे उन्हें शर्मसार होना पड़ रहा है।
जिम्मेदार कर रहे अनदेखी
लापरवाही का आलम यह है कि हाईवे से जनप्रतिनिधि सहित जिम्मेदार प्रशासनिक अधिकारी यहां से गुजरते हैं। इसके बावजूद शौचालय बदहाली का शिकार है। स्थानीय लोगों ने बताया कि कोरोना महामारी से पूर्व शौचालयों का संचालन सुचारू रूप से किया जा रहा था। सुविधा के लिए यहां बिजली कनेक्शन एवं साफ सफाई के लिए एक सफाईकर्मी नियमित रूप से लगा रखा था।
कोरोना के बाद से नहीं ली सुध
स्थानीय लोगों ने बताया कि हाड़ौता चौराहे के पास ट्रक ले बाय पर वाहन चालकों एवं यात्रियों के लिए बना शौचालय कोरोना महामारी के दौरान लॉकडाउन लगने के बाद से बंद पड़ा है। 3 वर्ष का लंबा समय गुजर जाने के बाद भी हाईवे प्रबंधन ने इनकी सुध नहीं ली। इससे शौचालय की हालत खस्ताहाल है। इसका वाशबेसिन, यूरिनल पोट, नल आदि को टूटे पड़े हैं। शौचालय गंदगी से अटे पड़े हैं। हालत ये है कि शौचालय का उपयोग तो दूर की बात लोग शौचालय के पास से गुजरते हुए भी बचते हैं।
Published on:
25 Feb 2023 11:17 am

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